मद्रास हाई कोर्ट ने की टिक टॉक पर बैन की मांगः प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Getty Images
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मनोरंजन मोबाइल एप टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है.
इंडोनेशिया और बांग्लादेश की सरकारें इस एप पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं जबकि अमरीका में बच्चों को ऑनलाइन सामग्री से बचाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं.
अदालत ने कहा है कि भारत में भी इस तरह का क़दम उठाना ज़रूरी हो गया है. अदालत ने माना है कि टिक टॉक जैसी मोबाइल एप्लिकेशन पर पोर्न सामग्री उपलब्ध है जिसे बच्चे भी देख रहे हैं.
जम्मू कश्मीर में नागरिकों के लिए हाईवे बंद

इमेज स्रोत, Getty Images
जम्मू-कश्मीर में सरकार ने उधमपुर से बारामुला के बीच 270 किलोमीटर लंबे हाईवे को सप्ताह में दो दिन आम नागरिकों के लिए बंद कर दिया है.
अब इस हाइवे पर हर बुधवार और रविवार को सिर्फ़ सैन्य वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने सरकार के इस क़दम की आलोचना की है और कहा है कि इससे नागरिकों को भारी दिक्कत होगी.
अर्धसैनिक बलों को टैक्स में छूट दे सकती है सरकार

इमेज स्रोत, CRPF
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को राशन धनराशि और जोख़िम भत्तों पर टैक्स छूट दे सकती है. यदि ये क़दम उठाया गया तो इससे क़रीब नौ लाख जवानों को फ़ायदा हो सकता है.
अख़बार ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इस आशय से वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर आश्वासन दिया है.
वैज्ञानिकों ने लोगों से समझदारी से मतदान करने की अपील की
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेढ़ सौ वैज्ञानिकों के एक समूह ने लोगों से समझदारी से मतदान करने की अपील की है.
एक पत्र में इन वैज्ञानिकों ने कहा कि उन लोगों को नकार दें जो लिंचिंग करते हैं या लोगों पर हमला करते हैं और ग़ैर बराबरी, धमकियों, भेदभाव और कुतर्क के ख़िलाफ़ वोट दें.
भारतीय सांस्कृति फ़ोरम के नाम से जारी की गई अपील पर सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों और वकीलों ने हस्ताक्षर किए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















