अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ओवैसी ने क्या कहा?

ओवैसी

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अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता का आदेश दिया है. इसके लिए कोर्ट ने एक समिति का गठन किया है जिसमें जस्टिस ख़लीफ़ुल्लाह, श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्री राम पांचु शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद एआईएमआईएम नेता और सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा है, ''ये अच्छा है कि पैनल अपना काम करेगा. राजनेता इस पर अपनी रोटियां नहीं सेंक सकेंगे. लेकिन हमें लग रहा था कि किसी ऐसे शख्स को इस पैनल में नहीं रखा जाएगा जिसका रुख़ पहले से ही लोगों को पता हो. अब हम यही उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जिसे भी मध्यस्थता की ज़िम्मेदारी दी है वो इस काम की गंभीरता को समझें. वे मीडियेटर हैं ना कि इस विवाद में शामिल कोई पार्टी हैं. ''

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आठ हफ्तों के भीतर इस पैनल को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. जिस संविधान पीठ ने यह फ़ैसला सुनाया उसमें चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस डी वाई चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर शामिल हैं.

अदालत का आदेश है कि मध्यस्थता बंद कमरे में और पूरी तरह गोपनीयता के साथ होगी. आदेश के मुताबिक़ मध्यस्थता की कार्यवाही फ़ैज़ाबाद में होगी.

जस्टिस ख़लीफ़ुल्लाह और श्री श्री ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट किया, ''सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना - इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है. ''

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वहीं सामाचार एजेंसी एनआई से रिटायर्ड जस्टिस इब्राहिम ख़लीफ़ुल्लाह ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता समिति का गठन किया है जिसका नेतृत्व मैं करूंगा. मैं इस पद की गंभीरता को समझता हूं. मुझे अभी तक आदेश की कॉपी नहीं मिली है. मैं ये कह सकता हूं कि ये कमेटी इस मुद्दे को हल करने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. ''

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सुप्रीम कोर्ट के इस क़दम का स्वागत करते हुए बसपा नेता मायावती ने ट्वीट किया, ''अयोध्या मामले का सभी पक्षों को स्वीकार्य तौर पर निपटारे के लिये माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा फ़ैज़ाबाद में बंद कमरे में बैठकर मध्यस्थता कराने का जो आदेश आज पारित किया है वह नेक नीयत पर आधारित ईमानदार प्रयास लगता है, इसलिए बीएसपी उसका स्वागत करती है. ''

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