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मसूद अज़हर पर रुख़ बदलने के बाद अब चीन को सता रहा है जैश-ए-मोहम्मद का डर: प्रेस रिव्यू
इकॉनोमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन को चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर पर अपना रुख़ बदलने के बाद एक चिंता सता रही है.
दरअसल पिछले महीने भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मोहम्मद का ज़िक्र करते हुए इसकी निंदा की थी.
सुरक्षा परिषद के जैश-ए-मोहम्मद का सीधे तौर पर नाम लिए जाने के बाद चीन पर काफ़ी दबाव पड़ा था क्योंकि सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के बावजूद वो मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी मानने को कभी तैयार नहीं था.
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भारत ने मसूद को अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी घोषित करवाने की कई कोशिशें कीं लेकिन चीन ने हर बार इसे वीटो कर दिया. लेकिन इस बार सुरक्षा परिषद ने जब सीधे तौर पर जैश का नाम लिया तो चीन भी इस पर आपत्ति नहीं जता पाया.
इन सारे घटनाक्रमों के बाद अब चीन को लग रहा है कि अब जैश चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कॉरिडोर (CPEC) को निशाना बना सकता है जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से गुज़रता है.
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हमले में 70-80 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल
इंडियन एक्सप्रेस में ही एक और ख़बर है कि बालाकोट हमले में इस्तेमाल की गई मिसाइल में 70 से 80 किलो विस्फोटक इस्तेमाल हुआ था.
अख़बार ने एक एक शीर्ष सैन्य अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है. अधिकारी ने कहा है, ''हर इमारत के लिए इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की मात्रा को लेकर कई अंदाजे लगाए जा रहे हैं. इसमें शुद्ध विस्फोटक मात्रा यानी एनईक्यू मायने रखता है. मैं सटीक आंकड़ा तो नहीं बता सकता लेकिन हर मिसाइल में 70 से 80 किलो विस्फोटक था.''
साथ ही अख़बार लिखता है कि हमले की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में जितना नुकसान दिख रहा है वो पहले बताई गई विस्फोटक की मात्रा से मेल नहीं खाता. पहले बताया गया था कि 1000 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.
ये भी बताया जा रहा था कि हमले में इस्तेमाल स्पाइस 2000 पीजीएम मिसाइल में 904 किलो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया है.
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देश भर में एक जैसा लाइसेंस
दैनिक भास्कर की ख़बर के अनुसार एक अक्टूबर से देश भर में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के आरसी एक जैसे ही होंगे. इसके अलावा सभी जगह पेपर आरसी की बजाय उसका कार्ड मिलेगा.
अब पूरे देश में ड्राइविंग लाइसेंस का रंग और उस पर जानकारियां सब एक जैसी होंगी. इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है.
अब तक हर राज्य अपनी सुविधानुसार ही डीएल और आरसी का फॉर्मेट तैयार करता है. इससे किसी राज्य के फॉर्मेट में जानकारियां डीएल के आगे की तरफ़ लिखी होती हैं तो कुछ में पीछे की तरफ़ होती हैं.
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प्रतिबंधित सूची में रहेगा हाफ़िज़ सईद का नाम
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंधित चरमपंथियों की सूची से नाम हटाने की चरमपंथी हाफ़िज़ सईद की अपील को खारिज कर दिया है.
प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद पर भारत में 2008 में हुए मुंबई हमले का आरोप है.
वहीं, इस दौरान पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा का लाहौर स्थित मुख्यालय गुरुवार को सील कर दिया. साथ ही उसके सहयोगी संगठन फलाह-ए-इंसानियत के मुख्यालय को भी सील कर दिया है.
साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधित समूहों के कुल 121 सदस्यों को ऐहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया है.
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