असमः ज़हरीली शराब से मरने वालों की संख्या 143 हुई

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- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, असम से, बीबीसी हिंदी के लिए
असम में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 143 हो गई है. इसकी पुष्टि राज्य के आबकारी विभाग के मंत्री परिमल शुक्ल वेद ने बीबीसी की है.
अधिकारियों के अनुसार 300 से ज़्यादा लोग घायल हैं जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है.
ये सभी पीड़ित गोलाघाट और जोरहाट ज़िले के चाय बागानों में काम करते थे. मृतकों में कई महिलाएं भी शामिल हैं.
गोलाघाट ज़िले के पुलिस अधीक्षक पुष्कर सिंह ने बीबीसी को बताया कि अभी भी गोलाघाट और जोरहाट के मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में लोग भर्ती हैं.

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बागान से लौटने के बाद पी थी शराब
गोलाघाट अस्पताल में इलाज करा रहे 35 साल के बीरेन घटवार ने बीबीसी को बताया कि गुरुवार को चाय बागान से लौटने के बाद उन्होंने शराब पी थी.
उन्होंने बताया, "मैंने आधा लीटर शराब खरीदी थी और खाना खाने से पहले इसे पिया था. शुरू में सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ देर बाद सिर में तेज़ दर्द होने लगा."
वो कहते हैं "सिरदर्द इतना बढ़ गया कि मैं न खाना खा पाया और न ही सो पाया."

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बीरने सुबह तक बेचैन होने लगे और उनकी छाती में भी तेज़ दर्द उठने लगा. इसके बाद उनकी पत्नी उन्हें चाय बागान के अस्पताल ले गईं.
यहां शुरुआती इलाज के बाद स्थिति नहीं संभलने पर बीरेन को ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया.
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'शराब पीना परंपरा का हिस्सा है'
असम में चाय बागान के काम करने वाले मज़दूर अक्सर अपनी थकान मिटाने के लिए काम से लौट कर शाम के वक़्त शराब पीते हैं.
जिस शराब के पीने से इतनी संख्या में लोगों की मौत हुई है, वो स्थानीय लोगों के द्वारा ही बनाई गई थी.
जानकार बताते हैं कि ये शराब, वहां मिलने वाली देसी शराब से सस्ती और ज़्यादा नशीली होती है. पांच लीटर शराब के लिए उन्हें महज 300 से 400 रुपए चुकाने होते हैं.
एसपी पुष्कर सिंह ने बताया कि इसे बनाने में मिथाइल और यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है.
वो कहते हैं कि इन रासायनों का इस्तेमाल ज़्यादा कर देने से कभी-कभी शराब ज़हरीली बन जाती है.

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राज्य में निजी स्तर पर बनाया गया शराब बेचना ग़ैर-कानूनी है. आबकारी विभाग के मंत्री परिमल शुक्ल वेद ने बीबीसी से कहा कि इन मौतों की जांच के लिए सीनियर आईएएस अफसर की अगुवाई में एक टीम बनाई गई है.
मंत्री ने कहा, "निजी स्तर पर बनाई गई शराब पर रोक लगाने के लिए कानून कड़े किए गए हैं. सज़ा के प्रवाधान भी कड़े किए गए हैं. कइयों को गिरफ़्तार किया गया है. हालांकि ये यहं का पुराना रिवाज है, जिसे तुरंत बदला नहीं जा सकता है."

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इस मामले में एक अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं.
ज़हरीली शराब से मौत का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले पिछले साल भी ज़हरीली शराब पीने से यहां सात लोगों की जान गई थीं.
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