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अयोध्या में 21 फरवरी से शुरू होगा मंदिर निर्माण, धर्म संसद की घोषणा
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
प्रयागराज के कुंभ क्षेत्र में तीन दिवसीय परम धर्म संसद में संतों ने एलान किया है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आगामी 21 फरवरी से शुरू हो जाएगा.
साधु-संत 10 फ़रवरी को बसंत पंचमी के बाद अयोध्या कूच करना शुरू कर देंगे और 21 फरवरी को मंदिर के शिलान्यास के लिए भूमि पूजन किया जाएगा. हालांकि ये किस जगह पर होगा, इस बारे में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है.
तीन दिन तक चली परम धर्म संसद के आख़िरी दिन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने ये घोषणा की और बताया कि इसके लिए सभी अखाड़ों के संतों से भी बात हो चुकी है.
परम धर्म संसद का आयोजन कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर नौ स्थित गंगा सेवा अभियानम के शिविर में हुआ था. तीन दिन के दौरान धर्म संसद में कई अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए.
आयोजकों की ओर से दावा किया गया है कि इस धर्म संसद में दुनिया भर से सनातन धर्म से जुड़े प्रतिनिधि आए थे और धर्म संसद के एजेंडे में राम मंदिर निर्माण की तारीख़ तय करना भी शामिल था.
परम धर्म संसद के आयोजक और गंगा सेवक अभियानम के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीबीसी को बताया कि उन्हें सरकार से राम मंदिर निर्माण के संबंध में कोई उम्मीद नहीं है.
उनका कहना था, "जो सरकार काशी और प्रयाग में सैकड़ों मंदिरों को तोड़कर नष्ट कर चुकी हो, उस सरकार से मंदिर निर्माण की उम्मीद करना मूर्खता के सिवाय कुछ नहीं है. परम धर्म संसद में दुनिया भर से आए संतों और सनातन धर्म के प्रतिनिधियों ने ये तय कर लिया है कि 21 फरवरी को हर हाल में अयोध्या पहुंचना है. हमें यदि रोकने की कोशिश की जाएगी तो भी हम वहां पहुंचेंगे."
'नारे लगाकर हिंदुओं की सहानुभूति ली गई'
परम धर्म संसद के दौरान शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने गंगा के स्वच्छ न होने पर नाराज़गी जताई. उनका कहना था, "मां गंगा ने बुलाया है, मैं गंगा को निर्मल करूंगा जैसे नारे लगाकर सिर्फ हिंदुओं की सहानुभूति ली गई है. गंगा की दशा अभी भी दयनीय है. गंगा न तो निर्मल हुई हैं और न ही अविरल."
इस बीच, गुरुवार यानी 31 जनवरी से दो दिन की धर्म संसद कुंभ क्षेत्र में ही विश्व हिन्दू परिषद भी आयोजित कर रही है जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने की भी उम्मीद जताई जा रही है.
वीएचपी की धर्म संसद में भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर किसी ख़ास घोषणा की उम्मीद की जा रही है.
प्रयागराज के कुंभ मेले में सोमवार को शंकराचार्य स्वरूपानन्द सरस्वती की अध्यक्षता में परम धर्म संसद की शुरुआत हुई थी.
धर्म संसद में जहां केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ राम मंदिर को लेकर आलोचना प्रस्ताव पारित किया गया वहीं गंगा स्वच्छता समेत तमाम मुद्दों पर सरकार पर निशाना साधा गया.
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