सरकार से असहमत सांख्यिकी आयोग के सदस्यों का इस्तीफ़ा-पांच बड़ी खबरें

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राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी ने सरकार से कुछ मुद्दों पर असहमति के कारण अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
मोहनन इस आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष थे. चार सदस्यों के इस आयोग में अब मुख्य सांख्यिकीविद् प्रवीन श्रीवास्तव और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत बने हुए हैं.
आयोग के अधिकारी ने कहा, '' इन दो सदस्यों ने राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्तीफ़ा 28 जनवरी को दे दिया था. ''
मोहनन और मीनाक्षी जून 2017 में आयोग का हिस्सा बने थे और उनका कार्यकाल जून 2020 में खत्म होने वाला था, लेकिन सरकार से कुछ तय मुद्दों पर असहमत होने के कारण दोनों ने लगभग डेढ़ साल पहले अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

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अमित शाह को नोटिस
तृणमूल कांग्रेस की नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह को मानहानि का नेटिस भेजा है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर की रैली में टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि चिटफंड कंपनियों के मालिकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पेंटिंग करोड़ों रुपये में खरीदी.
अमित शाह के इस बयान पर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, ''मैं पूछना चाहती हूं कि किस आधार पर पर उन्होंने हमारी पार्टी की मुखिया पर ये आरोप लगाए हैं ''
उन्होंने कहा, '' मैंने इस दुर्भाग्यपूर्ण बयान पर अमित शाह के खिलाफ़ मानहानि का नोटिस जारी किया है.''

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ये अपराध फिर से किया जाएगाः रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि, "यदि भूख से व्याकुल गरीब परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करना कांग्रेस की नज़र में अपराध है तो हो, यह काम मैं आगे भी करूँगा."
उन्होंने इसके साथ एक वीडियो भी पोस्ट किया है.
इसमें उन्होंने लिखा, "बदले की इस जांच से भला, सत्य को आंच कहां आयी है. संख्या में अधिक हो जाने से भला.. क्या सियारों ने 'सिंह' पर विजय पायी है. ग़रीबों को चावल देना तुम्हारे नज़र में अपराध है, भूखों को खाना देना अगर मेरे अपराध में गिना जाएगा, तो लाख डिगा ले क़दम मेरे, ये अपराध फिर से किया जाएगा. अपने द्वेष के तराजू में मेरे कर्मों को क्या तौलोगे. वर्षों सेवा किया है हमने, क्या उस पर भी कुछ बोलोगे. झूठे वादों से तुम पहुंचे हो, अब उसे पूरा करने की बारी है. मेरे हौसलों को तोड़ने की चेष्टा ना कर, मेरे साथ मेरी छत्तीसगढ़ महतारी है."
दरअसल, छत्तीसगढ़ के नागरिक आपूर्ति निगम में हुए करोड़ों के बहुचर्चित घोटाले (नान घोटाला) में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की पत्नी का नाम आते ही सियासत गरमा गयी है.

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लंदन में तिरंगा जलाये जाने पर भारत का कड़ा विरोध
ब्रिटेन में भारत ने गणतंत्र दिवस के दिन भारतीय उच्चायोग के सामने भारतीय तिरंगा जलाने के मामले पर सोमवार को ब्रिटिश सरकार से कड़ा विरोध जताया है.
ब्रिटेन के विदेश विभाग ने इस घटना पर नाखुशी जताई है.
भारत सरकार ने इस तरह की घटना के अंदेशे में ब्रिटिश सरकार को पहले ही आगाह किया था.
स्कॉटलैंड यार्ड शनिवार को हुई इस घटना के लिए ज़िम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है.
ब्रिटेन में भारतीय तिरंगे को जलाने की घटना एक साल के भीतर दूसरी बार हुई है.
इससे पहले अप्रैल 2018 में पार्लियामेंट स्क्वायर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम से पहले खालिस्तान समर्थकों ने तिरंगे का अपमान किया था.

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'उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने की संभावना बहुत कम'
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों के प्रमुखों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के ख़तरों पर अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि उत्तर कोरिया के अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने की संभावना बहुत कम है जबकि ईरान इस समय परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में सक्रिय नहीं है.
ये रिपोर्ट राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों ही देशों के बारे में आंकलन के ठीक उलट है. नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक डान कोट्स ने सीनेट की इंटेलिजेंस समिति को बताया है कि उत्तर कोरिया के नेताओं का मानना है कि उनके शासन के अस्तित्व के लिए परमाणु हथियार क्षमता आवश्यक है.
उन्होंने ये भी कहा कि इस्लामिक स्टेट के पास अभी भी सीरिया, इराक़ और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हज़ारों लड़ाके हैं. इस आंकलन में केंद्रीय अमरीकी देशों से आने वाले प्रवासियों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि इस्लामिक स्टेट को हरा दिया गया है और प्रवासी अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा हैं.
उत्तर कोरिया के बारे में एजेसियों का आकलन पेश करते हुए डेन कोट्स ने कहा, "किम जोंग उन कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए खुलापन दिखा रहे हैं. ये कहने के बाद, अभी हमारा आंकलन ये है कि उत्तर कोरिया भारी तबाही के हथियारों की अपनी क्षमताएं बरक़रार रखना चाहेगा और उसके अपने परमाणु हथियारों और उत्पादन क्षमता को पूरी तरह छोड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि उसके नेता अपनी सत्ता के अस्तित्व के लिए परमाणु शक्ति को अहम मानते हैं."
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