राहुल गांधी की तारीफ़ क्यों की चिराग पासवान ने?- आज की पाँच बड़ी ख़बरें

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एनडीए गठबंधन को नाज़ुक मोड़ पर बताने वाले लोक जनशक्ति पार्टी (एलजीपी) नेता चिराग पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ़ की है.
चिराग ने कहा, ''राहुल के अंदर सकारात्मक बदलाव आया है. राहुल ने किसानों और बेरोज़गारी के मुद्दे को बढ़िया से उठाया है.''
कांग्रेस की जीत पर चिराग ने कहा, ''कांग्रेस लंबे वक़्त बाद जीती है. अगर आप किसी की आलोचना करते हैं तो आपको उनके अच्छे प्रदर्शन की भी तारीफ़ करनी चाहिए. राहुल ने जिस तरह से किसानों और बेरोज़गारी के मुद्दों को जनता के सामने उठाया, वो अच्छा था. जबकि बीजेपी और सहयोगी दल धर्म और मंदिर की बात करते रहे.''
चिराग का ये बयान ऐसे वक़्त में आ रहा है, जब उनकी बीजेपी से नाराज़गी की ख़बरें आ रही हैं.
दो दिन पहले चिराग ने ट्वीट किया था, ''टीडीपी और रालोसपा के एनडीए गठबंधन से जाने के बाद एनडीए गठबंधन नाज़ुक मोड़ से गुज़र रहा है. ऐसे वक़्त में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंता को वक़्त रहते सम्मानपूर्वक तरीक़े से दूर करें.''
चिराग ने लिखा था, ''गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से मुलाक़ात हुई. लेकिन अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पाई है. इस मुद्दे पर वक़्त रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है.''

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बीजेपी में कुछ लोगों को कम बोलने की ज़रूरत: गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी में कुछ लोगों को कम बोलने की ज़रूरत है.
एक निजी चैनल के कार्यक्रम में गडकरी ने एक दिन में बीजेपी के 70 प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने पर भी बात की.
गडकरी ने कहा, ''हमारे पास इतने नेता हैं और हमें उनके सामने बोलना पसंद है. इसलिए हमें उन्हें कुछ काम देना चाहिए.'' गडकरी पार्टी प्रवक्ताओं के पत्रकारों के सामने इंटरव्यू दिए जाने पर बोल रहे थे.
गडकरी ने 1972 की फ़िल्म बॉम्बे टू गोवा के एक सीन का भी ज़िक्र किया. इस सीन में एक बच्चे के मां-बाप उसे खाने से रोकने के लिए मुंह में कपड़े का टुकड़ा डाल देते थे.
गडकरी ने कहा, ''हमारी पार्टी में कुछ लोगों को ऐसे ही कपड़े की ज़रूरत है.''
पीएम मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न किए जाने के सवाल पर गडकरी ने कहा, ''न मैं और न ही मोदी किसी कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हैं.''

आज महागठबंधन में शामिल होंगे उपेंद्र कुशवाहा?
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा आज यानी गुरुवार को महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं.
कुशवाहा कुछ दिन पहले ही एनडीए से अलग हुए हैं. कुशवाहा ने पहले ही संकेत दिए थे कि लोकसभा और बिहार विधानसभा चुनावों में वो एनडीए के साथ नहीं रहेंगे.
कुशवाहा इन चुनावों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ सियासी माहौल बनाने के मोर्चे पर नज़र आ सकते हैं.
गुरुवार को दिल्ली में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, जीतन राम मांझी और बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.
माना जा रहा है कि इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुशवाहा महागठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं.

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जम्मू कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन
जम्मू कश्मीर में अगले छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को इस बारे में आदेश जारी कर दिया है. छह महीने के राज्यपाल शासन पूरा होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने इस बारे में सोमवार को सिफारिश की थी.
ये सिफारिश राज्यपाल सत्यपाल मलिक की रिपोर्ट पर आधारित थी.
नवंबर में पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के सरकार बनाने की कोशिशों के बीच राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया था.
इससे कुछ महीने पहले बीजेपी के हाथ खींचने के बाद महबूबा मुफ्ती की सरकार गिर गई थी.

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कांगो में क्यों हो रहे हैं हिंसक प्रदर्शन?
कांगो गणराज्य में रविवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
बुधवार को राजधानी किनसाशा में हुए ऐसे ही विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा. इससे पहले शहर के स्थानीय गवर्नर ने पूरे इलाके में किसी भी तरह की चुनावी रैली निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया था.
हज़ारों की संख्या में लोग विपक्षी उम्मीदवार मार्टिन फयुलु के समर्थन में बाहर निकल रहे हैं. कांगो के चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में बीबीसी से कहा,
''हमें 23 दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है, हालांकि हम हालात पर भी लगातार नज़र बनाए हुए हैं. अगर हालात ठीक नहीं रहे तो हम चुनाव को और आगे टालने पर भी विचार कर सकते हैं. हम चीजों को बेहतर होने देना चाहते हैं.''















