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नवजोत सिंह सिद्धू के ऑटोग्राफ़ के लिए नन्हा फ़ैन दिन भर करता रहा इंतज़ार
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, चंडीगढ़ से
चंडीगढ़ में पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का घर अक्सर मुलाक़ात के इरादे से आने वाले लोगों से भरा रहता है. इनमें से ज़्यादातर लोग यहां अपने किसी काम या संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय से जुड़े विभागीय काम को लेकर पहुंचते हैं.
उनके लगातार सुर्खियों में बने रहने की वजह से स्थानीय मीडिया के कई पत्रकार भी सेक्टर-2 स्थित उनके इस सरकारी बंगले पर जुटे होते हैं. दरअसल यहां पास ही में मुख्यमंत्री आवास भी है.
उन्होंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की होगी कि इन्हीं आगंतुकों में एक सात साल का लड़का उनसे मिलने पहुंचेगा.
सिद्धू के घर के बाहर सुनहरे कोट में एक लड़का खड़ा था.
280 किलोमीटर दूर बठिंडा से आए इस लड़के का नाम वारिस ढिल्लो है.
दूसरी कक्षा में पढ़ रहे वारिस ने कहा, "नवजोत सिद्धू मेरे पसंदीदा क्रिकेटर हैं. मैं उनका ऑटोग्राफ़ चाहता हूं, इसके लिए मैं अपने पिता से कहा करता था."
गार्ड ने नहीं जाने दिया
पिता-पुत्र की यह जोड़ी हाई सिक्योरिटी से लैस सिद्धू के घर में प्रवेश मिलने के अवसर की तलाश में लगे थे.
गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था. इसलिए वो उस गार्ड की नज़रों से दूर गेट के बाहर से जाल के ज़रिये अंदर की तरफ झांक रहे थे.
इस संवाददाता को सिद्धू के घर के भीतर से बाहर आते देख बच्चे ने पूछा, "क्या मुझे सिद्धू का ऑटोग्राफ़ मिल सकता है?" पीछे खड़े पिता इस अनिश्चितता में थे कि उनके बेटे का सपना पूरा हो भी सकेगा या नहीं.
पिता ने कहा, "वो मुझसे कई महीनों से इसके लिए कह रहा है, इसलिए हम यहां आए हैं."
सिद्धू से ख़ास लगाव
अपना नाम या अपने बारे में और बताने को लेकर अनिच्छा जताते हुए पिता ने बस इतना बताया कि वो भारतीय वायु सेना में काम करते हैं.
उन्होंने बताया कि छह घंटे के सफ़र के बाद वो यहां पहुंचे हैं.
वारिस ने कहा कि वो क्रिकेट खेलते हैं और एक ही राज्य के होने के कारण सिद्धू से उन्हें ख़ास लगाव है.
1983 से 1999 तक क्रिकेट खेलने वाले सिद्धू की ख़ास तौर पर हार्ड हिटिंग बल्लेबाज़ के तौर पर पहचान थी, जिसकी वजह से उनके कई प्रशंसक बने. संन्यास के बाद सिद्धू क्रिकेट कमेंट्री करने लगे और अपने वन लाइनर 'सिद्धूइज़्म' की वजह से और प्रसिद्ध हो गए.
राजनीति में आने के बाद, वो पंजाब से चुनाव जीतते रहे हैं और अब प्रदेश के तीन शीर्ष मंत्रियों में शामिल हैं. इसके अलावा, वो कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारक भी है.
इसी बीच, कारों के काफ़िले और सुरक्षाकर्मियों के साथ आती भीड़ में वो छोटा बच्चा (वारिस) कहीं गुम हो गया.
आख़िर हो गई मुलाक़ात
शाम को, किसी ने सिद्धू को बताया कि उनका एक "नन्हा प्रशंसक" उनसे ऑटोग्राफ़ लेना चाहता है. सिद्धू ने फौरन उन्हें बुला भेजा, उन्हें गले लगाया और उनके दो बैट पर अपना ऑटोग्राफ़ दिया.
सिद्धू उनसे बोले, "आप 'नन्हे फैन' नहीं हैं, आप मेरे लिए छह फ़ीट दो इंच के हैं. और आप बेहद सुंदर हैं." दरअसल सिद्धू खुद छह फ़ीट, दो इंच के हैं.
बच्चे ने बहुत कुछ नहीं कहा लेकिन घर लौटते वक्त उनकी खुशी उनकी मुस्कुराहट में झलक रही थी. इसके साथ ही पिता-बेटे के सात घंटे का इंतज़ार सफल हुआ.