क्या वाक़ई सिद्धू ने पीएम मोदी की तारीफ़ की?

राजस्थान में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अपने अंतिम चरण में हैं. ऐसे में उन तस्वीरों, वीडियो और दावों की संख्या भी बढ़ी है जिन्हें राजनीतिक दल या उनके समर्थक अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं.

'एकता न्यूज़रूम' में हमने इनमें से कुछ की पड़ताल की और उनकी सच्चाई आप तक लाने की कोशिश की है.

सिद्धू का वायरल वीडियो

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की सभा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

वीडियो के साथ ये दावा किया जा रहा है कि चुनावी सभा में नवजोत सिंह सिद्धू ने कविता सुनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की है.

व्हाट्सऐप पर इस वीडियो के साथ लिखा गया है, "राजस्थान के बारां ज़िले की छबड़ा विधानसभा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के नेता नवजोत सिंह सिद्धू. उन्हें बुलाना कांग्रेस को भारी पड़ा. सिद्धू ने की नरेंद्र मोदी की तारीफ़."

इस वीडियो में नवजोत सिंह सिद्धू मंच से सभा को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं और मंच के आसपास कांग्रेस के झंडे भी लगे दिख रहे हैं.

भाषण के दौरान सिद्धू एक कविता की पंक्तियां कहते हैं जो कुछ इस तरह हैं, "अक्सर दुनिया के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं, पर कुछ नरेंद्र मोदी जैसे भी होते है जो इतिहास बनाया करते हैं."

हमने छबड़ा विधानसभा क्षेत्र में नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा दिए गए भाषण की पड़ताल की.

हमने पाया कि छबड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने भाषण में कहीं भी कोई कविता नहीं सुनाई थी.

जबकि वायरल वीडियो में सिद्धू कविता कहते सुनाई पड़ते हैं. वायरल हो रहे नवजोत सिंह सिद्धू के वीडियो की हमने फ्रेम बाय फ्रेम पड़ताल की तो पता चला की वीडियो और ऑडियो में कुछ फ़र्क़ है.

हमने नवजोत सिंह सिद्धू के पुराने कुछ वीडियो भी ढूंढे, जिनमें से कुछ वीडियो में नवजोत सिंह सिद्धू वही कविता सुनाते दिखाई दे रहे थे.

इनमें से एक वीडियो में हमें नवजोत सिंह सिद्धू का एक पुराना वीडियो भी मिला, जिसमें नवजोत सिंह भाजपा के एक कार्यक्रम में ये कविता सुनाते दिखाई दे रहे हैं.

वायरल हो रहे वीडियो में और इस पुराने वीडियो में नवजोत सिंह की सिद्धू की आवाज़ बिल्कुल एक जैसी है और कविता सुनाने का लहजा भी एक-सा ही है.

यहाँ तक की तालियों की आवाज़ और लोगों की आवाज़ भी बिल्कुल एक जैसी ही है.

छबड़ा विधानसभा के कार्यक्रम के पूरे वीडियो में ये कविता सुनाई नहीं दे रही लेकिन वायरल हो रहे वीडियो में एक ही विज़्युल पर कविता सुनाई दे रही है जो कि पुराने वीडियो की है.

मोदी और उनकी माँ की फ़र्ज़ी तस्वीर

इस तस्वीर को व्हॉट्सऐप समेत फ़ेसबुक के कई पन्नों पर शेयर किया गया है.

कुछ फ़ेसबुक ग्रुप्स में लोगों ने दावा किया है कि ये भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माँ हीराबेन की तस्वीर है. लेकिन ये दावा झूठा है.

इमेज रिवर्स सर्च से पता चलता है कि इस तस्वीर को एडिट किया गया है.

असल में ये तस्वीर भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और उनकी माँ आसियाम्मा की है.

जिस तस्वीर से एडिट करके ये वायरल फ़ोटो बनाई गई है, उसमें डॉक्टर कलाम और उनकी माँ के साथ उनके पिता जैनुलआब्दीन और बड़े भाई-बहन भी हैं.

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे. तमिलनाडु के रामेश्वरम में 15 अक्तूबर 1931 को जन्मे डॉक्टर कलाम का देहांत 27 जुलाई 2015 को हुआ था.

डॉक्टर कलाम को साल 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण और फिर 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया.

भारत के सर्वोच्च पद पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले डॉक्टर कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति थे.

(ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 'एकता न्यूज़रूम' का हिस्सा है.)

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