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बुलंदशहर हिंसा: योगेश राज ने किया बेक़सूर होने का दावा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा में अभियुक्त योगेश राज ने ताज़ा वीडियो जारी किया है और दावा किया है कि वो बेक़सूर हैं.
सोमवार को बुलंदशहर के स्याना में कथित तौर पर गोकशी का मामला सामने आया था जिसके बाद वहां जमा हुई भीड़ आक्रामक हो गई थी. भीड़ के हमले में थाने के एसएचओ सुबोध कुमार और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक़ इस मामले में कुल दो मुक़दमे दर्ज किए गए हैं जिनमें से एक कथित गोहत्या का है जबकि दूसरा हिंसा का है.
हिंसा के मामले में पुलिस ने कुल 27 अभियुक्तों को नामज़द किया है जिनमें बजरंग दल के सदस्य योगेश राज का नाम सबसे पहले है.
उन पर दंगा भड़काने, हत्या करने और हत्या की कोशिश करने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
28 वर्षीय योगेश राज नयाबांस गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने ही पुलिस को कथित गोहत्या की सूचना दी थी.
इधर इस मामले में बुधवार को पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा है कि "बुलंदशहर में जो हुआ वो एक बड़ी साज़िश था."
"ये केवल क़ानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, आख़िर गाय वहां पहुंची कैसे, इन्हें कौन लाया और किन हालातों में लाया ये भी सवाल हैं."
योगेश राज का वीडियो
बुधवार को जारी किए गए वीडियो में योगेश राज ये कहते नज़र आ रहे हैं कि वो बुलंदशहर में बजरंग दल के ज़िला संयोजक हैं.
वीडियो में उन्होंने कहा है कि "पुलिस मुझे इस तरह प्रस्तुत कर रही है कि जैसे कि मेरा कोई बहुत बड़ा आपराधिक इतिहास हो. मैं यह बताना चाहता हूं कि स्याना के नज़दीक महाव में गोकशी की घटना हुई थी जहां मैं अपने साथियों समेत पहुंचा था."
"प्रशासनिक लोग भी वहां पहुंचे थे. सब लोग शांत हो गए थे जिसके बाद हम लोग स्याना थाने में थे. वहां पर हमें सूचना मिली कि गांव वालों ने पथराव किया है और दो लोगों को गोली लगी है."
उनका कहना है कि दूसरी घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है और वो वहां मौजूद नहीं थे.
अब तक पुलिस की प्रतिक्रिया
मंगलवार को पुलिस ने पत्रकारों के सवाल पर योगेश राज के संगठन का नाम बताने से परहेज़ करते हुए कहा कि हम किसी संगठन का नाम नहीं ले रहे हैं.
पुलिस का कहना था, "योगेश घटना में नामित अभियुक्त हैं जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है."
गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को हिरासत कर कोर्ट में पेश किया था जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
घटना के बाद से पुलिस को योगेश राज की तलाश है.
कौन हैं योगेश राज?
मंगलवार को बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर से बात की.
डूंगर के मुताबिक़ योगेश राज सात-आठ साल से बजरंग दल से जुड़े हैं और बुलंदशहर के ज़िला संयोजक हैं. डूंगर के मुताबिक़ वो गोरक्षा अभियान में भी सक्रिय रहे हैं.
डूंगर का कहना था, "बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय की ओर से इज्तिमा का आयोजन किया गया था जिसमें पांच लाख लोगों के आने की अनुमति ली गई थी. इसी में आने वाले लोगों के भोजन की व्यवस्था रास्तों में की गई थी जिसके लिए स्याना क्षेत्र में गोहत्याएं की गईं."
उनका कहना है कि योगेश गोकशी के मुद्दे पर एकत्र लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे.
वहीं विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने योगेश के अपने संगठन से जुड़े होने की पुष्टि की थी लेकिन उन पर लगे सभी आरोपों को नकार दिया था.
हालांकि सोशल मीडिया पर योगेश राज के पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक करने के वीडियो वायरल हुए हैं.
योगेश राज सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और हिंदूवादी कार्यक्रमों से जुड़ी सूचनाएं अपने सोशल मीडिया पन्नों पर साझा करते रहते हैं.
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