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बुलंदशहर हिंसाः कौन हैं हिंसा के अभियुक्त
उत्तर प्रदेश पुलिस ने बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में अब तक चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने हिंसा के मामले में कुल 27 अभियुक्तों को नामज़द किया है.
पुलिस ने 50-60 अज्ञात लोगों को भी एफ़आईआर में शामिल किया है जिनकी घटना से जुड़े वीडियो के आधार पर पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
बजरंग दल के सदस्य योगेश राज नाम के युवक को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया है. योगेश राज ने ही पुलिस को कथित गोहत्या की सूचना दी थी.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक़ अभी तक योगेश राज को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.
बुलंदशहर में सोमवार को भीड़ के हमले में स्याना थाने के एसएचओ सुबोध कुमार की मौत हो गई थी जबकि सुमित नाम के एक युवक की भी मौत हुई है.
इस हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है जो 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
हिंसा भड़काने वाले युवा
आनंद कुमार के मुताबिक़ कुल दो मुक़दमे दर्ज किए गए हैं जिनमें से एक कथित गोहत्या के मामले में है जबकि दूसरा हिंसा के मामले में है.
हिंसा के मुक़दमे में कुल 27 लोगों को नामज़द किया गया है जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
इन अभियुक्तों में पहला नाम योगेश राज का है. उन पर दंगा भड़काने, हत्या करने और हत्या की कोशिश करने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
योगेश राज बुलंदशहर में विश्व हिंदू परिषद के युवा संगठन बजरंग दल के सक्रिय कार्यकर्ता हैं.
हालांकि आनंद कुमार ने पत्रकारों के सवाल पर योगेश राज के संगठन का नाम बताने से परहेज़ करते हुए कहा कि हम किसी संगठन का नाम नहीं ले रहे हैं.
उन्होंने कहा, "योगेश घटना में नामित अभियुक्त हैं जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है."
बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर के मुताबिक़ योगेश राज सात-आठ साल से बजरंग दल से जुड़े हैं और बुलंदशहर के ज़िला संयोजक हैं. डूंगर के मुताबिक़ वो गोरक्षा अभियान में भी सक्रिय रहे हैं.
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी योगेश राज के अपने संगठन से जुड़े होने की पुष्टि करते हुए उन पर लगे सभी आरोपों को नकार दिया है.
बजरंग दल का क्या कहना है?
बीबीसी से बातचीत में विनोद बंसल ने कहा कि योगेश राज हमारे कार्यकर्ता हैं लेकिन हम उन पर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं.
वहीं बलराज डूंगर ने बीबीसी से कहा, "योगेश राज सात-आठ सालों से बजरंग दल से जुड़े हुए हैं और वो गोरक्षा अभियान में सक्रिय थे."
डूंगर ने कहा, "बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय की ओर से इज्तेमा का आयोजन किया गया था जिसमें पांच लाख लोगों के आने की अनुमति ली गई थी. इसी में आने वाले लोगों के भोजन की व्यवस्था रास्तों में की गई थी जिसके लिए स्याना क्षेत्र में गोहत्याएं की गईं."
वहीं पुलिस का कहना है कि बुलंदशहर में तब्लीग़ी जमात की ओर से आयेजित किया गया तीन दिवसीय इज्तेमा शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया है और इसमें क़रीब पंद्रह लाख लोग शामिल हुए. इज्तेमा के दौरान किसी तरह की कोई घटना नहीं हुई है.
डूंगर कहते हैं, "पुलिस को गोहत्या की सूचना दी जाती है और कई गांवों के लोग वहां जुट जाते हैं. ग्रामीण गो अवशेष लेकर हाईवे जाम कर देते हैं. योगेश राज उसी क्षेत्र के रहने वाले है. वो भी मौक़े पर पहुंचते हैं. योगेश वहां लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे."
योगेश राज के पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं.
28 वर्षीय योगेश राज नयाबांस गांव के रहने वाले हैं. योगेश राज ने ही पुलिस से कथित गोहत्या की शिकायत की थी. उनकी शिकायत पर पुलिस ने कथित गोहत्या का मुक़दमा दर्ज किया है.
अपनी शिकायत में योगेश ने कहा है, "दिनांक 03-12-2018 को सुबह क़रीब नौ बजे हम लोग योगेश राज, शिखर कुमार, सौरभ आदि घूमने के लिए ग्राम महाव के जंगलों में आए थे तभी हमने देखा कि सुदैफ़ चौधरी, इल्यास, शराफ़त, अनस, साजिद, परवेज़, शरफ़ुद्दीन (निवासी नयाबांस) आदि लोग गायों को काट रहे थे. हमें देख कर, हमारे शोर मचाने पर उपरोक्त लोग मौक़े से भाग गए. उपरोक्त लोगों ने गायों को काटा है जिससे हमारी भावनाएं आहत हुई हैं."
डूंगर कहते हैं, "हमारे कार्यकर्ता को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है. हमारे कार्यकर्ता ने सिर्फ़ एक मांग की थी कि गोहत्या के दोषियों पर कार्रवाई तक वो सड़क को जाम रखेंगे."
"बजरंग दल पर आरोप लगाया जा रहा है कि हमारे कार्यकर्ताओं ने हिंसा की है लेकिन भीड़ योगेश राज ने इकट्ठा नहीं की थी बल्कि भीड़ ख़ुद इकट्ठा हुई थी."
डूंगर का कहना है कि उनका संगठन अपने कार्यकर्ता के साथ खड़ा रहेगा. योगेश पर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए डूंगर ने कहा, "वो हमारे कार्यकर्ता हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है. हम जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे. "
योगेश राज सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और हिंदूवादी कार्यक्रमों से जुड़ी सूचनाएं अपने सोशल मीडिया पन्नों पर साझा करते रहते हैं.
वहीं बुलंदशहर से बीजेपी सांसद भोला सिंह ने एक बयान में कहा है, "साज़िश के तहत पार्टी और संगठन के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने ग़लत तरीक़े से लोगों को नामज़द किया है."
भोला सिंह ने कहा, "प्रशासन और पुलिस अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए साज़िश कर रही है और लोगों को बदनाम किया जा रहा है."
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