सोशल: 'बुलंदशहर का नया नाम क्या रखेंगे योगी जी?'

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले में सोमवार दोपहर भड़की हिंसा में एक पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताते हुए इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है.

सोशल मीडिया के निशाने पर योगी

बुलंदशहर में हिंसा भड़कने की ख़बर आने के बाद से ट्विटर और फ़ेसबुक पर सोशल मीडिया यूज़र्स ने यूपी सीएम की आलोचना शुरू कर दी है.

ट्विटर यूज़र विवेक मिश्रा @VVK29 लिखते हैं, "जब यूपी में अपराध नहीं रुक रहे हैं, भीड़ और गो-रक्षक को किसी का डर नहीं है, एक पुलिस अधिकारी को अपना काम करने की वजह से सरेआम मार दिया जाता है. तभी #UPCM अजय सिंह बिष्ट पूरे देश में घूम-घूमकर लोगों को बता रहे हैं कि वह शहरों के नाम बदलने जा रहे हैं."

बलवीर सिंह वरुण @varun22655 ने ट्विटर पर बुलंदशहर में भड़की हिंसा पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

वहीं, बोधी ध्यान मनहार @BODHIDHYNAMANH1 ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस घटना को आगामी चुनावों से जोड़ा है.

कहां हैं योगी जी

ट्विटर यूज़र शिव शंकर ने लिखा है, "यूपी में कौन सुरक्षित है योगी जी...? आप इन दिनों यूपी में तो हैं ना या हैदराबाद औवेसी को भगाने चले गए हैं?...."

फासी सिद्दीकी नाम के सोशल मीडिया यूज़र लिख रहे हैं, "लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में, यहाँ पर सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है."

'चिंता बस भारत माता की है'

बुलंदशहर में सोमवार दोपहर हुई हिंसा से जुड़े कुछ वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

वीडियोज़ में प्रदर्शन कर रहे लोग 'भारत माता की जय' के नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं.

ट्विटर यूजर रजनीश कुमार सिंह @RajnishKumarSi1 कहते हैं, "सीएम योगी अपनी हर रैली में भारत माता की जय के नारे लगाते हैं, अब हत्यारी भीड़ भी यही नारे लगा रही है. ऐसे में इन दोनों का विकास तो हो जाएगा, चिंता तो बस भारत माता की है."

सीएम योगी आदित्यनाथ के हवाले से यूपी सीएम ऑफ़िस के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, "जनपद बुलन्‍दशहर की घटना की जांच आख्‍या प्राप्त होते ही दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही और आर्थिक सहायता दिये जाने के सम्‍बन्‍ध में निर्णय लिया जाएगा: #UPCM श्री."

इस ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए जिया उल ख़ान ने लिखा है, "पहले गऊ रक्षकों के नाम पर नर भक्षक बन चुके अपने तमाम गुर्गों पर लगाम लगाइए साहब."

ये भी पढ़ें....

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)