घाटी में बर्फ़बारी से पर्यटक तो ख़ुश लेकिन कश्मीरी परेशान
घाटी की पहली बर्फ़बारी से भारत प्रशासित कश्मीर घूमने आए लोगों का मज़ा दोगुना हो गया है. लेकिन नवंबर में हुई बर्फ़बारी ने स्थानीय लोगों की मुसीबतें और परेशानी बढ़ा दी है.

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भारत प्रशासित कश्मीर में हुई अचानक बर्फ़बारी ने कश्मीर घाटी में जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस बर्फ़बारी ने कश्मीर के सेब उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया है.

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अधिकारियों के मुताबिक़, बर्फ़बारी ने दक्षिणी कश्मीर में सेब के बागीचों को काफ़ी नुकसान पहुंचाया है. नुकसान उत्तरी कश्मीर में भी हुआ है लेकिन यह तुलनात्मक तौर पर कम है.

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस बर्फ़बारी से जो नुकसान हुआ है उसका असर सिर्फ़ इस साल ही नहीं अगले साल तक भी बना रहेगा. कश्मीर में कोई भी इस समय बर्फ़बारी के लिए तैयार नहीं था.

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कश्मीर घाटी में एक बड़ी आबादी सेब उद्योग पर निर्भर करती है. उनके जीवन का आधार ही सेब हैं.

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कश्मीर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने अपने एक बयान में कहा है कि शुरुआती अंदाज़े के आधार पर कहा जा सकता है कि कश्मीर के सेब उद्योग को क़रीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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राज्यपाल ने नुकसान उठाने वालों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है. मौसम विभाग के अनुसार, क़रीब नौ साल बाद ऐसा हुआ है कि कश्मीर में नवंबर में बर्फ़बारी हुई है.

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बर्फ़बारी के बाद कश्मीर में दो दिनों तक बिजली गुल रही. अभी भी घाटी में कई ऐसे इलाक़े हैं, जहां बिजली बहाल नहीं हो पायी है.
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