हावड़ा: रेलवे स्टेशन पर भगदड़, दो की मौत, 25 घायल

    • Author, प्रभाकर एम.
    • पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से सटे हावड़ा ज़िले में सांतरागाछी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार शाम को ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में दो यात्रियों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हो गए. इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.

यह हादसा शाम को लगभग साढ़े छह बजे हुआ. घायलों में कइयों की हालत गंभीर होने की वजह से मरने वालों की तादाद बढ़ने का अंदेशा है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक साथ तीन ट्रेनों के पहुंचने की घोषणा के बाद लोगों में भगदड़ मच गई.

इस हादसे से रेलवे के कामकाज पर भी सवाल उठने लगे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी रात को हावड़ा अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल पूछा. उन्होंने इस हादसे पर गहरी चिंता जताई है.

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को एक-एक लाख का मुआवज़ा देने का एलान किया है. गंभीर रूप से घायल एक यात्री को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.

ममता ने रेलवे के कामकाज पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, "कहीं कोई लापरवाही तो ज़रूर हुई है. पहले से सावधानी बरतने पर यह हादसा नहीं होता. यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे ज़रूरी है."

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भगदड़ क्यों मची, इस सवाल का जवाब रेलवे ही दे सकता है. उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर सरकार की ओर से इस घटना की जांच का भी ऐलान किया.

ममता ने कहा कि रेलवे चाहे तो सरकार जांच में सहयोग भी कर सकती है. ममता ने कहा कि एक साथ तीन ट्रेनों के आने और आख़िरी मौके पर प्लेटफ़ॉर्म बदलने की वजह से ही यह हादसा हुआ. उनका सवाल था कि आख़िर ऐसा क्यों किया गया? मुख्यमंत्री ने कहा, "रेलवे में तालमेल का अभाव है."

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दफ़्तर से वापसी का समय होने की वजह से शाम को दो और तीन नंबर स्टेशनों तक जाने वाले संकरे ओवरब्रिज पर यात्रियों की भारी भीड़ थी. यह लोग ट्रेन के आने का इंतज़ार कर रहे थे. उसी समय अचानक एक साथ तीन ट्रेनों के आने की घोषणा हुई.

त्यौहार का सीज़न

इससे लोगों में ओवरब्रिज से उतर कर प्लेटफ़ॉर्म तक जाने की होड़ मच गई. इसी की वजह से कई लोग नीचे गिर गए और बाकी यात्री उनको रौंदते हुए आगे निकल गए.

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने घायलों को पहले नज़दीकी रेलवे अस्पताल पहुंचाया और वहां से उनको हावड़ा जनरल अस्पताल में ले जाया गया. वहां कुछ देर बाद दो घायलों ने दम तोड़ दिया. फ़िलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है.

दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय घोष ने बताया, "त्योहार का सीज़न होने की वजह से प्लेटफ़ॉर्म और ओवरब्रिज पर आम दिनों के मुक़ाबले ज़्यादा भीड़ थी. इसी वजह से हादसा हुआ."

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सांतरागाछी स्टेशन के आधारभूत ढांचे को विकसित करने की परियोजना पर काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ देर पहले एक ट्रेन के वहां पहुंचने की वजह से उसके यात्री भी ओवरब्रिज से होकर बाहर निकल रहे थे.

संकरा ओवरब्रिज

ओवरब्रिज पर ट्रेन का इंतज़ार कर रही एक महिला यात्री रंजूरिमा ने बताया, "संकरे ओवरब्रिज पर यात्रियों की ठसाठस भीड़ थी. लोग ट्रेनों के प्लेटफ़ार्म की घोषणा का इंतज़ार कर रहे थे. उसी समय अचानक एक साथ तीन अप व डाउन ट्रेनों के आने का ऐलान कर दिया गया. इससे यात्रियों में भगदड़ मच गई."

एक अन्य यात्री देवेन मंडल ने बताया, "आख़िरी मौक़े पर एक लोकल ट्रेन का प्लेटफ़ॉर्म बदलने की वजह से लोग बदहवास होकर दूसरे प्लेटफ़ॉर्म की ओर भागे. ओवरब्रिज पर पहले से भीड़ होने की वजह से लोगों में धक्कामुक्की और मारपीट की नौबत आ गई. उसी दौरान कई लोग नीचे गिर पड़े."

मंडल ने बताया कि एक नंबर प्लेटफ़ॉर्म पर शालीमार-नागरकोइल गुरुदेव एक्सप्रेस के आने का ऐलान किया गया और दो और तीन नंबर पर लोकल ट्रेनों के आने का. इसी से अफ़रा-तफ़री मची जिसने भगदड़ का रूप ले लिया. हादसे के बाद मौके पर जहां-तहां दर्जनों जोड़े जूते-चप्पल के अलावा कई बैग बिखरे हुए थे. इस हादसे से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई.

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