अमृतसर हादसा: 'अचानक आई ट्रेन और बिछ गईं लाशें'

पंजाब में शुक्रवार को हुई एक बड़ी दुर्घटना के कारण दशहरे का उत्सव बड़े मातम में तब्दील हो गया.

अमृतसर शहर से सटे जोड़ा फाटक के पास शाम क़रीब साढ़े छह बजे रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था.

इस दौरान एक तेज़ रफ़्तार लोकल ट्रेन जोड़ा फाटक से गुज़री और ट्रैक के पास खड़े होकर रावण दहन देख रहे बहुत से लोग इस ट्रेन की चपेट में आ गए.

स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया कि "जिस वक़्त ये तेज़ रफ़्तार ट्रेन घटनास्थल से गुज़री, बहुत सारे लोग ट्रैक के पास खड़े थे. कुछ लोग ट्रैक पर बैठे हुए थे और कुछ मोबाइल फ़ोन पर रावण दहन की वीडियो बना रहे थे."

"बताया जा रहा है कि जब रावण के पुतले को आग लगाई गई तो मंच से लोगों से पीछे हटने की अपील की गई. इस वजह से भी काफ़ी लोग मैदान से पीछे हटकर रेलवे ट्रेक पर चले गए थे."

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव ने बीबीसी पंजाबी सेवा को बताया है कि "मरने वालों की संख्या बढ़कर 59 हो चुकी है. 150 से ज़्यादा लोग ज़ख़्मी हैं."

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महिंद्रा ने बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा को बताया है कि अब तक दो अस्पतालों में क़रीब 50 शव पहुँचाए जा चुके हैं.

अमृतसर में रेलवे के हेल्पलाइन नंबर:

  • 0183-2223171
  • 0183-2564485

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है. इसमें दिख रहा है कि लोग रावण दहन देख रहे हैं और मोबाइल से उसका वीडियो भी बना रहे हैं. तभी बाईं ओर से तेज़ रफ़्तार ट्रेन अचानक आती है.

वीडियो से पता लगता है कि वहां मौजूद लोगों को ट्रेन के आने की भनक तक नहीं लगी.

रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया कि इस कार्यक्रम में मंच पर पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू भी मौजूद थीं.

चश्मदीदों ने क्या देखा

हादसे के वक्त घटनास्थल पह ही मौजूद रहे चश्मदीद अमरनाथ ने बताया, "रावण को आग लगाई गई, पटाखे बज रहे थे. इस बीच एकदम से ट्रेन आ गई. किसी को ट्रेन के आने की आवाज़ सुनाई नहीं दी. मैंने दो लड़कों का हाथ खींचकर उन्हें बचाया. मैंने देखा कि 25-30 लोगों की लाशें बिछ गई हैं. मैंने इन लाशों को उठाकर दूसरी जगह पहुंचाया. मेरे हाथ पूरे ख़ून से भर गए, मैं अभी-अभी इन्हें धोकर आया हूं. उनमें कई मेरे पहचान के लोग थे. मैंने उनके चेहरे देखे."

अमित कुमार का घर घटनास्थल के पास ही है. वह घटना के वक़्त अपने घर की छत पर मौजूद थे. उन्होंने बताया, "ट्रेन बहुत स्पीड में आई, ट्रेन ने कोई हॉर्न नहीं दिया. उस ट्रेन ने वहां खड़े सभी लोगों को कुचल दिया. स्टेज से कहा गया था कि लोग पटरी से दूर होकर खड़े रहें. ये आयोजन हर साल होता है."

घटना के बाद तनाव

अस्पतालों और एंबुलेंसों को अलर्ट पर रखा गया है. घटनास्थल पर लोग प्रशासन के ख़िलाफ़ काफ़ी गुस्से में हैं. शुरुआत में शवों को ले जाने के लिए प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि आक्रोशित लोग उन्हें ऐसा करने नहीं दे रहे थे.

पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

दुख और संवेदनाएं

इस घटना पर राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं ने ट्वीट करके दुख जताया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने लिखा, "ये दिल दहलाने वाली त्रासदी है. अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मैं गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं. मैंने अधिकारियों को तत्काल मदद का निर्देश दिया है."

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब की कांग्रेस सरकार और कार्यकर्ताओं से पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने की अपील की है.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करके बताया है कि वह घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं.

उन्होंने लिखा, "दशहरे के मौके पर अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे के राहत और बचाव कामों का जायज़ा लेने के लिए मैं खुद वहां पहुंच रहा हूं. मेरी सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज दिया जाएगा."

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस ट्वीट किया, "रेलवे राहत और बचाव अभियान में जुटा हुआ है."

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "पंजाब में दशहरे के दिन गई लोगों की अनमोल जानों के नुकसान के दर्द को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. मृतकों के परिजनों के लिए संवेदनाएं और घायलों के लिए प्राथना कर रहा हूं."

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र की ओर से पंजाब सरकार को हर मुमकिन मदद की पेशकश की है. उन्होंने कहा कि मैंने हादसे को लेकर पंजाब के गृहसचिव और राज्य के डीजीपी से बात की है.

पंजाब के विपक्षी दल शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पूछा है कि ट्रैक के पास रावण दहन की इजाज़त कैसे दी गई.

उन्होंने लिखा, "अमृतसर के जोड़ा गेट पर दशहरा देखने आए निर्दोष श्रद्धालुओं को तेज़गति ट्रेन ने कुचल दिया, इस हादसे के बारे में सुनकर मुझे बहुत दुख हो रहा है. स्थानीय आयोजकों और पुलिस को जवाब देना चाहिए कि रेलवे ट्रेक के पास रावण दहन की इजाज़त कैसे दी गई."

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने लिखा, "अमृतसर से एक बड़े ट्रेन हादसे की खबर आ रही है. मैं इलाके के अपने कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि राहत और बचाव कार्य में मदद करें. संकट की इस घड़ी में हर मुमकिन मदद दें."

जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने लिखा है, "बहुत ही दुखद है कि ट्रेन हादसे में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. मृतकों और घायलों के परिजनों को मेरी गहरी संवेदनाएं."

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