You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
"राम मंदिर आप बनाएंगे या हम, इस बात का फ़ैसला हो जाए"
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एलान किया है कि वो 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे.
शिवसेना की 52वीं दशहरा रैली में उन्होंने कहा, "बीजेपी को ये घोषणा कर देनी चाहिए कि राम मंदिर बनाने का उनका वादा एक जुमला था."
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी हमेशा कहती है कि वो मंदिर बनाएगी. लेकिन कब बनाएगी, इसकी तारीख़ नहीं बताती. चुनाव के वक़्त ही बीजेपी को राम मंदिर याद आता है. अब तक कई कारसेवक जान गंवा चुके हैं. उनके बलिदान का सम्मान कीजिए."
"मैंने फैसला किया है कि मैं 25 नवंबर को अयोध्या जाऊंगा. वहां भी ये सवाल मैं मोदी जी से पूछना चाहता हूं कि वो अयोध्या कब जाएंगे?"
ठाकरे ने कहा, "हम ये नहीं चाहते कि आप (नरेंद्र मोदी) चुनाव हार जाएं और वहां हम सत्ता में आएं, लेकिन जनता की उम्मीदों पर पानी मत फेरिए. अगर ऐसा किया तो आप जल जाएंगे."
फ़ैसला हो जाने दीजिए
ठाकरे ने नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा, "अगर आप नहीं गए तो मैं हाथ में भगवा झंडा लेकर जाऊंगा."
"मंदिर आप बनाएंगे या हम, अब इस बात का फ़ैसला हो जाने दीजिए. अगर आपने राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं किया तो हम करेंगे. हम हिंदुओं को साथ लेकर ये निर्माण करेंगे. हिंदू किसी की जागीर नहीं हैं."
उद्धव ठाकरे के इस रुख़ पर महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने बीबीसी से कहा, "ये तो अच्छी बात है कि उद्धव ठाकरे अयोध्या जाना चाहते हैं. अयोध्या का राम मंदिर पूरे देश का मंदिर है. वो किसी एक व्यक्ति का मंदिर नहीं है. ये सवा सौ करोड़ भारतीयों का श्रद्धास्थल है. वहां हर भारतीय को जाने का हक़ है."
#MeToo अभियान पर भी बोले ठाकरे
शिवसेना प्रमुख ने मी टू अभियान को बेहद गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि अगर किसी बड़े पद पर रहा व्यक्ति यौन उत्पीड़न का दोषी पाया जाता है तो उसे सज़ा मिलनी ही चाहिए.
हालांकि उन्होंने अपनी चिंता भी ज़ाहिर की. उन्होंने कहा, "आप (जनता) किससे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं. निर्भया मामले में दोषियों को अब तक फांसी नहीं हुई है. मी टू, मी टू करने से कुछ नहीं होगा. अगर आपके साथ कोई दुर्व्यवहार करता है तो सीधे थप्पड़ मारिए, शिवसेना आपके साथ है."
ये भी पढ़ें....
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)