झारखंडः गोमांस को लेकर जगह-जगह टकराव, गिरफ्तारियां

युवक को गिरफ़्तार कर ले जाती पुलिस

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    • Author, नीरज सिन्हा
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी के लिए

बकरीद और उसके बाद झारखंड के अलग-अलग जगहों पर कथित तौर पर प्रतिबंधित गोमांस को लेकर हिंसा और टकराव की घटनाओं के बीच कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

इसे देखते हुए तनावग्रस्त इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है.

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक आरके मलिक के मुताबिक इन जगहों के डीआइजी और आईजी को घटनाओं की निगरानी करने को कहा गया है.

उन्होंने आगाह किया है कि इन मामलों में कानून तोड़ने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी.

मलिक ने बीबीसी से कहा कि बकरीद से पहले भी सभी ज़िलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया था.

उसी सिलसिले में अलग-अलग जगहों से मिल रही सूचनाओं पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

इस बीच पाकुड़ ज़िले के डांगापाड़ा में हिंसा और पुलिस पर हमले के बाद धारा 144 लगा दी गई है.

इसके अलावा मुस्लिम समुदाय के 10 लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया है. इनमें से दो पश्चिम बंगाल के रामपुर हाट और मुरारोई के रहने वाले हैं.

पीड़ित

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पुलिस का दावा

पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए लोगों के पास से पिस्तौल, कट्टा और गोलियां बरामद करने का दावा किया है.

यह जगह झारखंड की राजधानी रांची से क़रीब 450 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल की सीमा पर है.

डांगापाड़ा में हुई हिंसक झड़पों में घायल पुलिस के छह जवानों समेत दर्जन भर लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

पाकुड़ की घटना के बाद गुरुवार को बोकारो जिले में चंदनक्यारी थाना क्षेत्र के नौडीहा तथा राजधानी रांची के बड़ागाई इलाके में कथित तौर पर गोमांस और जानवरों की खाल बरामद करने के साथ पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

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रांची के बड़ागाई में गिरफ़्तार किए गए बशीर अंसारी के घर वालों ने बीबीसी से बातचीत में दावा किया है कि पुलिस एक बेकसूर और बीमार बुजुर्ग को पकड़ कर ले गई है तथा और उनका ऑटो भी जब्त कर लिया है.

चंदनक्यारी के नौडीहा गांव में भी तनाव के बाद अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात किया गया है.

रांची के बड़ागाई में गुरुवार को रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों ने मार्च किया है. सदर डीएसपी हालात पर नज़र बनाए हुए हैं.

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डांगापाड़ा में पुलिस पर हमले

इस बीच संथालपरगना के आरक्षी उपमहानिरीक्षक राजकुमार लकड़ा ने बीबीसी को बताया है कि 22 अगस्त यानी बकरीद के दिन पुलिस को यह सूचना मिली थी कि महेशपुर थाना क्षेत्र के डांगापाड़ा बस्ती में प्रतिबंधित पशुओं को खुले में काटा जा रहा है.

झारखंड में गोहत्या और गोमांस के कारोबार पर प्रतिबंध है. लिहाजा क़ानूनों की सुरक्षा और इस बाबत बकरीद से पहले राज्य मुख्यालय से मिले निर्देश के अनुपालन में पुलिस डांगापाड़ा गांव पहुंची थी. लेकिन किसी भी कार्रवाई को रोकने के लिए उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया.

इस हमले में हिरणपुर थाना के प्रभारी समेत पुलिस के छह जवान घायल हो गए.

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इमेज कैप्शन, लोगों के हमले में घायल एक पुलिसकर्मी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ उग्र भीड़ ने अंधाधुंध पथराव किए और गोलियां भी चलाईं. पुलिस के एक जवान को घेर कर पीटा गया. इसके बाद हिंसक भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैंस के गोले छोड़े.

हिंसक झड़पों में घायल ग्रामीणों में कई लोगों को भी गोलियां लगी है. हालांकि इस बारे में पुलिस जांच कर रही है.

पुलिस उपमहानिरीक्षक के मुताबिक इस घटना को लेकर तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. ज़िले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस पूरे इलाके में चौकसी बरत रही है. रैपिड एक्शन फ़ोर्स का मार्च जारी है.

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पाकिस्तान के नारे

इस बीच पाकुड़ के अनुमंडल अधिकारी जीतेंद्र देव ने बताया है कि फ़िलहाल हालात नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू किया गया है. हिंसा पर उतारू भीड़ द्वारा की गई फ़ायरिंग और बमबाजी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है.

अनुमंडल अधिकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल लोग पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे थे तथा कई लोगों को झंडे लहराते देखा गया. लिहाजा इसे गंभीरता से लिया गया है और उन बातों को भी एफ़आआइआर में शामिल किया गया है.

बकरीद के ही दिन संथासपरगना में राजमहल थाना क्षेत्र के मुग्लानीचक में कथित तौर पर पशुओं की हत्या करने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था जबकि गढ़वा ज़िले के टिकुलडीहा गांव में पुलिस को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था.

इन दोनों जगह दोनों जगहों पर पुलिस लगातार नज़र बनाए हुए है.

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रांची में गिरफ़्तारी

रांची सदर के पुलिस उपाधीक्षक दीपक पांडेय ने बताया है कि गुप्त सूचना के आधार पर बड़ागाई स्थित भागलपुर बस्ती के एक व्यक्ति बशीर अंसारी के घर से कथित तौर प्रतिबंधित मांस बरामद किया गया है.

मांस के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस जब मांस जब्त कर लौट रही थी, तो कुछ लोगों ने हमले का प्रयास किया था.

पुलिस उपाधीक्षक के मुताबिक फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं. बशीर अंसारी की उम्र ज़्यादा होने और बीमार बताए जाने पर उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

इस बीच बशीर अंसारी की बहु सैमून खातून का कहना है कि बेकसूर और बीमार व्यक्ति को पुलिस गिरफ़्तार कर ले गई.

अंसारी के परिजन बेहद मुफलिसी में जीते हैं और उनके घर में कल से ही चूल्हे नहीं जले हैं.

उनका कहना था कि बकरीद के मौके पर ग़रीब होने के नाते ही दान में किसी ने मांस भिजवाया था. वे लोग मांस का कारोबार नहीं करते.

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बोकारो में चार गिरफ़्ता

बोकारो के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस. ने बीबीसी को बताया है कि चंदनक्यारी के नौडीहा में बरामद कथित तौर पर गोमांस और जानवरों की खाल को जांच के लिए भेजा गया है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में दो ऑटो पर बोरियों में बंद बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मांस और पशुओं के खाल मिले हैं.

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि उसे काजी बस्ती स्थित मदरसा से लाया जा रहा था.

बाद में काजी बस्ती के कई घरों और मदरसा की तलाशी ली गई. उन्होंने बताया कि काजी बस्ती से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक तलाशी को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी, लेकिन फ़िलहाल हालात नियंत्रण में हैं और चास के एसडीपीओ से सभी एहतियात बरते जाने को कहा गया है.

हालांकि स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

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