संयुक्त अरब अमीरात ने केरल को क्यों दिए 700 करोड़

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केरल को बाढ़ से उबारने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने 700 करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की है. मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसकी जानकारी दी.
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बातचीत राहत और बचाव कार्य की मौजूदा स्थिति पर हुई.
शनिवार को शारजाह के शासक सुल्तान बिन मोहम्मद अल-क़ासिमी ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए चार करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी.
यूएई के राष्ट्रपति शेख ख़लीफ़ा बिन ज़ायद अल नाह्यान ने केरल की बाढ़ को लेकर एक आपातकालीन समिति बनाने का आदेश दिया था.
इस समिति के प्रमुख शेख़ मोहम्मद हैं और इन्हीं की ज़िम्मेदारी थी कि वो बाढ़ पीड़ितों को मदद की राशि की घोषणा करें. क़तर ने भी 50 लाख डॉलर की मदद की घोषणा की है.

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यूएई और बाक़ी के खाड़ी देशों में केरल के लोगों की अच्छी-ख़ासी आबादी रहती है. खाड़ी के देशों में भारतीय मज़दूरों की बड़ी तादाद है. एक अनुमान के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात की कुल आबादी में भारतीय प्रवासी 27 फ़ीसदी हैं.
केरल की विनाशकारी बाढ़
पिछले कुछ हफ़्तों से केरल भयावह बाढ़ की चपेट में है. पिछली एक सदी की यह सबसे भयावह बाढ़ है. केरल के जितने लोग विदेशों में रहते हैं उसके 90 फ़ीसदी लोग खाड़ी के देशों में रहते हैं.
बाढ़ से अब तक 300 मौतें हो चुकी हैं. इसके साथ ही जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है. एक अनुमान के अनुसार केरल को बाढ़ की बर्बादी से उबरने के लिए 37,000 करोड़ रुपए की ज़रूरत होगी. शुरुआत में कहा जा रहा था कि 20 हज़ार करोड़ रुपए की ज़रूरत होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया था तो उन्होंने 500 करोड़ रुपए की तत्काल मदद की घोषणा की थी.
मोदी के पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दौरा किया था तो उन्होंने 100 करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की थी. 25 जुलाई को गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने 80 करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की थी.

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यूएई से केरल का नाता
सेंटर फोर डिवेलपमेंट स्टडीज के एक अध्ययन के अनुसार भारत से यूएई जाने वाले सबसे ज़्यादा लोग केरल के होते हैं. 2014 में भारत से जितने प्रवासी संयुक्त अरब अमीरात गए उनमें से 38 फ़ीसदी लोग केरल से थे. एक अनुमान के मुताबिक़ केरल की कुल तीन करोड़ की आबादी के दस फ़ीसदी लोग राज्य में नहीं रहते हैं.
केरल के हर तीसरे घर का एक आदमी खाड़ी के देशों में काम करता है. ये देश हैं कुवैत, क़तर, ओमान, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब.
राज्य के बैंकों के आंकड़ों के अनुसार इन देशों में काम करने वाले लोग केरल को हर साल एक अरब रुपए भेजते हैं. खाड़ी के देशों में केरल के 20 फ़ीसदी प्रवासी ही ऐसे हैं जो अपने परिवार के साथ रहते हैं, बाकी अकेले रहते हैं और साल में एक बार आते हैं.
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