पांच बड़ी ख़बरें: सऊदी को पीछे छोड़ ईरान बना भारत के लिए ख़ास

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अमरीकी प्रतिबंधों के कारण भारत और ईरान के संबंधों पर भले तलवार लटकी है, लेकिन अप्रैल से जून तक ईरान ने भारत को तेल बेचने के मामले में सऊदी से आगे निकल गया. ईरान अब भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश बन गया है.
इससे पहले सात सालों तक सऊदी दूसरे नंबर पर था. सोमवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में कहा कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने अप्रैल से जून के बीच सऊदी की तुलना में ईरान से ज़्यादा तेल आयात किया. इराक़ अब भी भारत को तेल बेचने के मामले में पहले नंबर पर है.
भारत के लिए यह द्वंद्व भरी स्थिति है कि एक तरफ़ अमरीका का दबाव है कि ईरान से भारत तेल की ख़रीदारी बंद करे और दूसरी तरफ़ ईरान से तेल आयात इतना बढ़ा कि सऊदी पिछड़ गया.

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भूटान भी भारत के हाथ से फिसला?
भूटान में संसदीय चुनाव से पहले भारत और चीन दोनों ने अपने प्रभाव के इस्तेमाल की कोशिश शुरू कर दी है. दोनों देशों का मानना है इस छोटे से देश, लेकिन रणनीतिक रूप से काफ़ी अहम भूटान में नई सरकार बनाने बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
चीन के उपविदेश मंत्री कोंग शुअन्योउ सोमवार को बिना किसी पूर्व योजना के थिम्पु पहुंचे हैं. उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ बैठक की है. इससे पहले भारत में चीन के राजदूत भी भूटान गए थे.
भारत के लिए दोनों दौरे सतर्क करने वाले हैं. कहा जा रहा है कि चीन में भारत के राजदूत लुओ चाओई ने ही उपविदेश मंत्री के दौरे की ज़मीन तैयार की. भारत अब तक भूटान के साथ भरोसे का रिश्ता बनाने में कामयाब रहा है.
भारत के पड़ोसियों में भूटान एकमात्र देश है जिसने चीन के वन बेल्ट वन रोड परियोजना में शामिल होने से इनकार कर चुका है.

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राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर केवल जेडीएस का समर्थन
कांग्रेस की नई कार्यकारी समिति की बैठक के एक दिन बाद राहुल को विपक्ष का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा. कांग्रेस कार्यकारी समिति में राहुल को नरेंद्र मोदी के मुक़ाबले पीएम उम्मीदवार के तौर पर आगे किया गया, लेकिन इसका खुलकर समर्थन केवल जनता दल सेक्युलर ने ही किया है.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पूछा है कि क्या राहुल गांधी को आधिकारिक रूप से पीएम उम्मीदवार घोषित किया गया है? तेजस्वी ने प्रधानमंत्री उम्मीदवार के लिए मायावती, शरद पवार और ममता बनर्जी का भी नाम लिया. इस मामले में ममता बनर्जी और शरद पवार का कोई बयान नहीं आया है.
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'सांसद राहुल ने गुमराह किया'
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी पर फ़्रांस से रफ़ायल लड़ाकू विमान की ख़रीदारी को लेकर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
सोमवार को संसद में क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के इस रुख़ से पता चलता है कि उसे देशहित से कोई मतलब नहीं है. शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर रफ़ायल की ख़रीदारी में क़ीमतों को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया था.

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ट्रंप और पूर्व ख़ुफ़िया अधिकारियों में तकरार
व्हाइट हाउस के मुताबिक राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप छह पूर्व ख़ुफ़िया अधिकारियों की सुरक्षा मंज़ूरियों को वापस लेने पर विचार कर रहे हैं. एक प्रेस वार्ता में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा हकाबी सैंडर्स ने इन छह लोगों पर राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी सरकार से रिश्तों पर आधारहीन दावे करने के आरोप लगाए हैं.
इन छह लोगों में सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रेनन और एफ़बीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी शामिल हैं. इनके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहीं सुसान राइस और पूर्व ख़ुफ़िया निदेशक जेम्स क्लेपर शामिल हैं.
जॉन ब्रेनन ने बीते सप्ताह हेलसिंकी में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाक़ात को देशद्रोह के बराबर बताया था. सुरक्षा मंज़ूरियां वापस लिए जाने के बाद ये पूर्व अधिकारी गुप्त दस्तावेज़ नहीं देख सकेंगे और उन्हें सुरक्षा जांचों से गुज़रना होगा.
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