ट्रेनें सिग्नल के लिए खड़ी रहीं, सोते रहे स्टेशन मास्टर

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- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, बिजनौर, उत्तर प्रदेश से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला बिजनौर में मुरशदपुर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के सो जाने के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुईं.
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि स्टेशन मास्टर दीप सिंह नशे में थे और नशे में धुत होने के कारण उन्हें नींद आ गई थी.
मुरशदपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक बी.पी. शुक्ला कहते हैं, "स्टेशन मास्टर दीपचंद ड्यूटी के दौरान नशे में धुत होकर सो गए थे. स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया गया है, उनके ख़िलाफ़ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है."
ट्रेनों को नहीं मिला सिग्नल, मचा हड़कंप
शुक्रवार रात 18.45 बजे मुरशदपुर रेलवे स्टेशन पर दीप सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी.
दीप सिंह की ड्यूटी सुबह 7.15 बजे तक थी. रात के समय जब अप एवं डाउन लाइन पर कई ट्रेनों को सिग्नल नहीं मिला तो रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया.
सिग्नल ना मिलने के कारण नजीबाबाद, बुंदकी, मुरशदपुर, फ़ज़लपुर तथा नगीना में कई ट्रेनें रुकी हुई थीं.

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स्टेशन अधीक्षक बीपी शुक्ल कहते हैं, "शुक्रवार रात ग्यारह बजे के लगभग अप-डाउन लाइन पर जनता, बीसीएन, मालगाड़ी तथा दो अन्य ट्रेनों को जब मुरशदपुर स्टेशन से सिग्नल नहीं मिली तो हमें चिंता हुई. मैं रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो स्टेशन मास्टर दीप चंद एक बेंच पर सो रहे थे. दीप चंद की मेडिकल जांच कराई गई तो इस बात की पुष्टि हुई कि उन्होंने नशा किया था."
स्टेशन अधीक्षक क कहना है कि उन्होंने इस मामले की जानकारी तुरंत आला अधिकारियों को दी.
बाद में उन्होंने मुरशदपुर स्टेशन से धीरे-धीरे रुकी हुई ट्रेनों को पास कराना शुरू किया. ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर सवारी यात्रियों ने भी राहत की सांस ली.

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'मैं बीमार था, नशा नहीं किया'
रेलवे ने भले ही स्टेशन मास्टर दीप सिंह को नशा करने के आरोप में निलंबित कर दिया हो, लेकिन स्टेशन मास्टर ने ख़ुद पर लगे आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है.
दीप सिंह ने कहा, "मैं काफ़ी लंबे समय से बीमार था. मुझे खांसी भी थी, मैंने कॉरेक्स कफ़ सीरप थोड़ा अधिक पी लिया और इस कारण मुझे नींद आ गई. मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है. मैंने अपनी बीमारी के बारे में आला अधिकारियों को भी सूचित किया था."
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