प्रेस रिव्यू: न्यायिक आयोग ने कहा, किसानों पर गोलियां चलाना ज़रूरी था

इमेज स्रोत, Getty Images
इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर छपी है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई फ़ायरिंग को एक न्यायिक आयोग ने सही ठहराया है.
ख़बर के मुताबिक मामले की जांच करने के लिए बनाए गए इस आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार को रिपोर्ट सौंपी है और कहा है कि किसानों पर गोलियां चलाना 'न्यायसंगत' और 'नितांत आवश्यक' था.
आयोग ने फ़ायरिंग में शामिल सीआरपीएफ़ के जवानों और पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी है. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस ने गोलियां आत्मरक्षा के लिए चलाईं.

इमेज स्रोत, PrAKASH HATVALNE
पिछले साल जून में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने गोलियां चलाई थीं जिसमें छह किसानों की मौत हो गई थी.
मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार किसानों को पिछले 13 साल से समर्थन मूल्य में कुछ बोनस देती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे बंद कर दिया था.
मंदसौर में किसान सही समर्थन मूल्य के अलावा कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

इमेज स्रोत, Getty Images
सेहत पर सिर्फ 1% खर्च
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर है कि नेशनल हेल्थ प्रोफ़ाइल के नए आंकड़ों के मुताबिक भारत अपनी जीडीपी का मात्र 1% हिस्सा स्वास्थ्य पर खर्च करता है.
वहीं स्वीडन अपनी जीडीपी का 9.2% हिस्सा और फ़्रांस 8.7% स्वास्थ्य पर खर्च करते हैं.
ख़बर के मुताबिक केंद्र सरकार अपनी महात्वाकांक्षी योजना नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एनएचपीएस) लागू करने जा रही है.
इसके तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये का मेडिकल कवर देने का दावा किया जा रहा है.
आंकड़ों के अनुसार साल 2015-16 में स्वास्थ्य पर हुआ कुल खर्च 140,054 करोड़ रुपये था.

इमेज स्रोत, DATI.COM
'बलात्कार के बारे में सोच भी नहीं सकता'
दैनिक भास्कर में ख़बर है कि बलात्कार का आरोप झेल रहे दाती महाराज जो कि अंडरग्राउंड थे, वो अचानक से पुलिस के सामने हाज़िर हो गए.
उन्होंने कहा है कि बलात्कार करना तो दूर वो इसके बारे में सोच भी नहीं सकते.
उन्होंने कहा कि उन पर बलात्कार का आरोप किसी साज़िश के तहत लगाया गया है.
रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि पुलिस ने उनसे सात घंटे तक पूछताछ की और 100 सवाल पूछे.

इमेज स्रोत, AFP
कश्मीर में पुलिस और चरमपंथियों की मुठभेड़
जनसत्ता की ख़बर है कि मंगलवार को कश्मीर घाटी के त्राल इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस और जैश-ए-मोहम्मद के चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें जैश के ऑपरेशन कमांडर और तीन शीर्ष चरमपंथी मारे गए.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रमुख एसपी वैद्य ने कहा है कि आने वाले दिनों में राज्य में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ होगा क्योंकि रमज़ान के दौरान सीज़फ़ायर लागू होने की वजह से घाटी में चरमपंथी गतिविधियां तेज़ हो गई थीं.
ये भी पढ़िए: जम्मू कश्मीर: किसका नफ़ा, किसका नुकसान?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












