कश्मीर में सेना और बीजेपी नेता क्यों हैं आमने-सामने

मोदी

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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जम्मू कश्मीर विधानसभा के स्पीकर निर्मल सिंह
    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, श्रीनगर से

भारत-प्रशासित जम्मू कश्मीर में बीजेपी के नेता और भारतीय सेना आमने-सामने हैं.

दरअसल ये मामला जम्मू क्षेत्र के नगरोटा इलाक़े का है. सेना ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और स्पीकर डॉक्टर निर्मल सिंह को लिखे एक पत्र में पूछा है कि आप नगरोटा में जिस इमारत का निर्माण कर रहे हैं वह ग़ैर क़ानूनी है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा है जो सेना के बारूद डिपो के क़रीब है.

सेना ने अपने पत्र में डॉक्टर निर्मल सिंह को फ़ौरन इमारत का निर्माण बंद करने को कहा था.

सेना

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ख़बरों के मुताबिक़ सेना की तरफ़ से डॉक्टर सिंह को जो पत्र लिखा गया है वह सेना के 16वीं कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सरनजीत सिंह की ओर से लिखा गया है.

मीडिया में ये ख़बर आने के बाद डॉक्टर निर्मल सिंह ने आरोप लगाया है कि सेना उन्हें और इलाके के लोगों को ख़ौफ़ज़दा कर रही है और सेना की तरफ़ से उन्हें डराना दरअसल एक राजनैतिक साज़िश है.

बीजेपी खेमे में हैरानी का माहौल

निर्मल सिंह

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता की तरफ़ से सेना पर ऐसा संगीन आरोप लगाने से जम्मू कश्मीर में बीजेपी खेमे को ज़रूर हैरानी हुई है.

शायद श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक बीजेपी के किसी नेता ने ये कल्पना भी नहीं की होगी कि उनकी पार्टी के कोई बड़े नेता अपनी ही सेना के ख़िलाफ़ आरोप लगाएंगे.

डॉक्टर निर्मल सिंह इस समय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर हैं.

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डॉक्टर सिंह को हाल ही में कैबिनेट के फेरबदल के दौरान उपमख्यमंत्री के पद से हटाया गया था.

डॉक्टर सिंह के साथ बीजेपी के जिन दो वरिष्ठ नेताओं के नाम आए हैं, उनमें मौजूदा उपमख्यमंत्री कविंदर गुप्ता और सांसद जुगल किशोर भी शामिल हैं.

ऐसा पहली बार हुआ है कि जब जम्मू-कश्मीर में बीजेपी जैसी राष्ट्रवादी पार्टी के किसी बड़े नेता ने अपने देश की सेना पर इस तरह का इल्ज़ाम लगाया हो.

बीजेपी के बदले-बदले मिज़ाज

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने कभी सेना के साथ किसी भी मुद्दे पर सीधा टकराव नहीं किया है, बल्कि अगर ये कहा जाए कि जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के नेताओं ने सेना के हर काम की सराहना की है तो ग़लत नहीं होगा.

अलगाववादी खेमे के अलावा कश्मीर में भारत समर्थक स्थानीय राजनीतिक पार्टियां सेना के बयानों पर कोई भी ज़ुबानी हमला करने से गुरेज़ करती रही हैं.

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लेकिन बीजेपी जैसी राष्ट्रवादी सियासी पार्टी के किसी बड़े नेता की ज़ुबान से सेना पर आरोप के शब्द निकलने के बाद खुद बीजेपी में डॉक्टर सिंह के बयान को हैरानी से देखा जा रहा है.

प्रदेश बीजेपी में निर्मल सिंह के ख़िलाफ़ माहौल

राज्य बीजेपी का कहना है कि डॉक्टर सिंह को सेना के ख़िलाफ़ बयान नहीं देना चाहिए था.

जम्मू कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता सुनील सेठी ने बीबीसी को बताया, "डॉक्टर निर्मल सिंह को सेना के ख़िलाफ़ नहीं बोलना चाहिए. अगर कोई मुद्दा है तो उन्हें उसका जवाब देना चाहिए. ये तो उनका निजी मसला है. वह जवाब क्यों नहीं देते हैं? रही उनके ख़िलाफ़ किसी कार्रवाई की बात तो पार्टी इस पर सोच-विचार कर रही है. अगर सेना किसी बात पर आपत्ति जता रही है तो उनको जवाब देना चाहिए. "

उधमपुर में तैनात सेना के प्रवक्ता कर्नल एनएन जोशी ने इस मामले पर बीबीसी को बताया, "ये मामला अभी विचाराधीन है. इस पर अभी और कुछ नहीं कहा जा सकता है."

उमर अब्दुल्लाह ने जांच की मांग की

राज्य के पूर्व मख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने इस मामले पर जाँच की मांग की है.

उमर अब्दुल्लाह

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अपने ट्वीटर हैंडल पर उन्होंने लिखा है, "सेना के मुताबिक़ जम्मू में बीजेपी नेताओं की ज़मीन सुरक्षा रिस्क है. ये सत्ता से जुड़ा हर व्यक्ति जानता था कि उन्होंने सस्ते में ज़मीन ली है और वो इस बात की उम्मीद कर रहे थे कि अपने रसूख़ का इस्तेमाल करके वो इस खरीदारी को अपनी संपत्ति बना लेंगे."

एक दूसरे ट्वीट में वो लिखते हैं "जम्मू कश्मीर स्पीकर ने आरोप लगाया है कि इंडियन आर्मी उन्हें ख़ौफ़ज़दा कर रही है. क्या इन आरोपों पर कोई प्राइम टाइम चर्चा नहीं होगी या ये इसलिए कोई मायने नहीं रखता क्योंकि ये बीजेपी के नेताओं ने कहा है."

उमर अब्दुल्लाह ने अपने एक दूसरे ट्वीट में लिखा है, "क्या सीतारमण साहिबा इस रिपोर्ट पर कुछ करेंगी जिस में बताया गया है कि उनके साथी नगरोटा में राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहे हैं. क्या उन्होंने इस बारे में कुछ पूछा जब वह पार्टी के मंच से बोल रही थीं."

उमर अब्दुल्लाह

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विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर फ़ारुक़ अब्दुल्लाह कहते हैं कि बीजेपी की दिल्ली में सरकार है और उनको इस पर सोचना चाहिए.

उन्होंने कहा, "सरकार बीजेपी की है. ये भी बीजेपी के हैं. उनको देखना चाहिए. ये बात दबने वाली नहीं है. ये उन्हीं के पूर्व उप-मुख्यमंत्री थे, उन्हीं के ये अब स्पीकर हैं, वह जानें और उनका काम जाने. कोई न कोई तो इस मुद्दे को उठाएगा. भारत सरकार इसका जवाब दे और उनको जवाब देना पड़ेगा. मैं इस पर और कोई कमेंट नहीं करना चाहता हूँ."

पार्टी में अलग-थलग पड़े निर्मल सिंह

जम्मू-कश्मीर में इस समय पीडीपी-बीजेपी की गठबंधन सरकार है. राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है.

बीजेपी एक राष्ट्रवादी पार्टी होने के नाते आज तक सेना के साथ एक ही खेमे में नज़र आई है और दोनों एक ही भाषा में बोलते रहे हैं.

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लेकिन डॉक्टर निर्मल सिंह के सेना पर लगाए आरोप ने ये सवाल पैदा किया है कि आखिर बीजेपी के इतने बड़े नेता ने सेना ने ख़िलाफ़ इतने कड़े शब्दों का इस्तेमाल क्यों किया.

फ़िलहाल ऐसा लग रहा है कि डॉक्टर निर्मल सिंह सेना के ख़िलाफ़ दिए बयान पर अकेले पड़ गए हैं. उन्हें पार्टी की तरफ़ से भी अब कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

उपमख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कविंदर गुप्ता से ये पूछने पर कि डॉक्टर सिंह ने सेना पर डराने का जो आरोप लगाया है क्या वह सही है, तो उनका कहना था 'ये आप उनसे पूछें जिन्होंने ये बात कही है."

आने वाले दिनों में बीजेपी बनाम सेना का ये विवाद किस दिशा में जाएगा, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है.

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