मोदी के 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर पाकिस्तान का जवाब

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बुधवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हॉल में 'भारत की बात, सबके साथ' कार्यक्रम में भारतीय समुदाय से रू-ब-रू हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान पर आक्रामक बयान दिया था.
पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक पर पूछे गए सवाल के जवाब में भारतीय पीएम ने कहा था, "ये मोदी है, उसी भाषा में जवाब देना जानता है."
अब पाकिस्तान ने मोदी के बयान की प्रतिक्रिया में कहा है कि भारत के धमकी भरे बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंतित होना चाहिए. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए और कश्मीर में भारतीय सेना के अन्याय को रोकना चाहिए.
इसके साथ ही पाकिस्तान ने पीएम मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे को भी ख़ारिज कर दिया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह झूठ के सिवा कुछ भी नहीं है.

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भारतीय सेना ने सितंबर 2016 में दावा किया था कि उसने पाकिस्तान के साथ लगती नियंत्रण रेखा के पास सर्जिकल स्ट्राइक की थी. तब पाकिस्तानी सेना ने भारत के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि कि कार्रवाई नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी तक ही सीमित थी.
सर्जिकल स्ट्राइक पर बुधवार को पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, "भारत का चरित्र अजेय रहने का है. विजयी रहने का है, लेकिन किसी के हक़ को छीनना ये भारत का चरित्र नहीं है. लेकिन जब कोई टेरेरिज़्म एक्सपोर्ट करने का उद्योग बनाकर बैठा हो, मेरे देश के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया जाता हो, युद्ध लड़ने की ताक़त नहीं है. पीठ पर वार करने के प्रयास होते हों तो ये मोदी है, उसी भाषा में जवाब देना जानता है."
पीएम ने कहा था, "हमारी नेक दिली देखिए, मैंने हमारे अफसरों से कहा कि आप हिंदुस्तान को पता चले उससे पहले पाकिस्तान की फौज को फ़ोन करके बता दो. आज रात हमने ये किया है. ये लाशें वहां पड़ी होंगी तुम्हें समय हो तो जाकर वहां से ले आओ. हम सुबह 11 बजे से उनको फ़ोन लगा रहे थे वो फ़ोन पर आने से डर रहे थे वो आ नहीं रहे थे. 12 बजे वो फ़ोन पर आए. तब जाकर हमने दुनिया को बताया कि भारत की सेना का ये अधिकार था न्याय प्राप्त करने का और हमने ये किया."

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पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फ़ैसल ने कहा, ''भारतीय पीएम का सर्जिकल स्ट्राइक का दावा हास्यास्पद है. यह भारत की कल्पना के सिवा कुछ भी नहीं है जो कभी हक़ीक़त नहीं बन पाएगी. भारत की आवाज़ में निराशा झलक रही है. भारत की कश्मीर में अत्याचार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है. भारत कश्मीर पर से ध्यान हटाने के लिए कई बार ऐसी कोशिश करता है.''
बुधवार को मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा था, "टेंट में सोए हुए हमारे जवानों को रात में कुछ बुजदिल उनको मौत के घाट उतार दे, आप में कोई चाहेगा कि मैं चुप रहूं. क्या उनको ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए और इसलिए सर्जिकल स्ट्राइक किया. मुझे अपनी सेना पर गर्व है. जवानों पर गर्व है. जो योजना बनी थी उसको शत प्रतिशत इम्पलिमेंट किया और सूर्योदय होने से पहले वापस लौटकर आ गए."
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सर्जिकल स्ट्राइल को लेकर भारत में भी सवाल उठे थे. कुछ राजनीतिक पार्टियों ने सबूत की मांग थी लेकिन सरकार और सेना की तरफ़ से कहा गया था कि जब ज़रूरत होगी वो सबूत पेश करेंगे. केंद्र की मोदी सरकार ने सबूत मांगने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि सेना पर शक किया जा रहा है.
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