शिवाजी पर 'विवादित' बोल ने पहुंचाया बीजेपी नेता को जेल

इमेज स्रोत, FACEBOOK/SHRIPAD CHHINDAM
- Author, निरंजन छानवाल
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
महाराष्ट्र के अहमदनगर में छत्रपति शिवाजी महाराज पर कथित विवादित टिप्पणी करने के आरोप में शहर के डिप्टी मेयर को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया है.
भाजपा से जुड़े श्रीपाद छिंदम ने शुक्रवार को एक नगरपालिका कर्मी को किए गए कथित फ़ोन कॉल में शिवाजी पर अश्लील टिप्पणी की थी.
कॉल का ऑडियो वायरल होने के बाद श्रीपाद छिंदम को पार्टी से निकाल दिया गया और पद से हटा दिया गया.
इस विवादित टिप्पणी के बाद से महाराष्ट्र में कई शहरों में प्रदर्शन भी हूए हैं.
जानिए क्या है पूरा मामला और कब-कब क्या-क्या हुआ
शुक्रवार सुबह श्रीपाद छिंदम ने नगर निगम के कर्मचारी अशोक बिड़वे को फोन कॉल करके वार्ड के कामों के बारे में पूछताछ की थी.
इसी फ़ोन कॉल का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इस ऑडियो सत्यता की पुष्टि बीबीसी ने नहीं की है.
ऑडियो में छिंदम ने बिडवे से पूछा था कि उन्होंने काम पूरा करने के लिए आदमी क्यों नहीं भेजे. इसके जवाब में बिड़वे ने कहा कि शिवाजी जयंती होने दीजिए उसके बाद आदमी भेजता हूं.

इमेज स्रोत, MAKRAND GHODKE
इस पर छिंदम ने ग़ुस्से में आकर शिवाजी जयंती के बारे में अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी.
बिड़वे ने इस बातचीत की शिकायत कामगार यूनियन से कर दी जिसके बाद कामगार यूनियन ने नगर निगम को ताला लगाकर बंद कर दिया.
शुक्रवार दोपहर
कुछ ही देर में इस बातचीत की क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हो गई जिस पर समूचे महाराष्ट्र में तीव्र प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
इससे अहमदनगर शहर में तनाव भी व्याप्त हो गया. इसके अलावा महाराष्ट्र के कई और शहरों में भी छिंदम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हो गए.
छत्रपति प्रतिष्ठान और संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने छिंदम के दफ़्तर और घर पर हमला कर दिया.
शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी छिंदम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए.
शिवसेना के पूर्व विधायक अनिल राठौर ने छिंदम के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करा दी.
वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने छिंदम का पुतला जलाया और भीड़ ने नगर निगम के दफ़्तर में छिंदम के कमरे पर जूतों की माला लटका दी.
नगर निगम की इमारत से छिंदम के नाम की सभी पट्टियां भी तोड़ दी गईं.
शुक्रवार शाम

इमेज स्रोत, FACEBOOK/SHRIPAD CHHINDAM
छिंदम के भाजपा से जुड़े होने के कारण इस घटनाक्रम पर राजनीति भी तेज़ हो गई. भाजपा के सांसद दिलीप गांधी, उनके बेटे सुवेंद्र गांधी (सभासद), ज़िले के प्रभारी मंत्री राम शिंदे के कार्यालयों पर भी तोड़फोड़ की गई.
शहर में तनाव के माहौल को देखते हुए छिंदम भूमिगत हो गए. सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में मैसेज उन्होंने अपनी टिप्पणी पर माफ़ी मांगते हुए कहा, "मैंने कुछ ग़लत शब्द कहे, मैं पूरे महाराष्ट्र से माफ़ी मांगता हूं. समाज मुझे माफ करेगा ऐसी अपेक्षा करता हूं."
लेकिन छिंदम का माफ़ीनामा लोगों की भावनाएं शांत करने में नाकाम ही रहा और तनाव बरकरार रहा. भाजपा सांसद दिलीप गांधी ने एक प्रैसवार्ता कर छिंदम को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा की.

इमेज स्रोत, MAKRAND GHODKE
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया, "शिवाजी जयंती और छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में डिप्टी मेयर श्रीपाद छिंदम की विवादित टिप्पणी की भाजपा तीव्र आलोचना करती है. उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है और डिप्टी मेयर पद का इस्तीफ़ा लेकर उन्हें पदमुक्त कर दिया गया है."
वहीं अहमदनगर बार एसोसिएशन ने कहा है कि छिंदम की ओर से कोई वकील मुक़दमा नहीं लड़ेगा.
शुक्रवार रात

इमेज स्रोत, MAKRAND GHODKE
औरंगाबाद में भाजपा के दफ़्तर हमला किया गया. छिंदम को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक रंजन कुमार शर्मा ने चार टीमों का गठन किया. रात नौ बजे सोलापुर रोड के शिराढोण इलाक़े से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
शनिवार सुबह
क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शनिवार सुबह आठ बजे ही छिंदम को अदालत में पेश कर दिया. अदालत ने उन्हें एक मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. छिंदम पर सरकारी काम में बाधा डालने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए हैं. वहीं छिंदम की ओर से अदालत में कोई वकील पेश नहीं हो सका.
शनिवार को श्रीपाद छिंदम के नाम से शहर में लगाई गई बैंचों को भी तोड़ दिया गया और शहर में लगे उनके नाम के पोस्टर भी फाड़ दिए गए. अहमदनगर जिले में दूसरे दिन भी इस घटना के कारण तनाव बरक़रार रहा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












