राजस्थान में कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में तृणमूल की जीत

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पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस से नाओपाड़ा विधानसभा सीट छीन ली है.
इतना ही ममता बनर्जी की पार्टी ने उलुबेरिया लोकसभा उपचुनाव भी जीत ली है. ये सीट तृणमूल के सुल्तान अहमद की मौत के बाद खाली हुई थी.
तृणमूल के साजीदा अहमद ने इस मुस्लिम बहुल सीट पर बीजेपी के अनुपम मलिक को साढ़े चार लाख वोटों से ज्यादा के अंतर से हराया.

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राजस्थान के नतीज़े
कांग्रेस विधायक मधुसूदन हुसैन की मौत से खाली हुई नाओपाड़ा सीट तृणमूल के सुनील सिंह ने जीती है.
उलुबेरिया और नाओपाड़ा दोनों ही जगहों पर बीजेपी दूसरे नंबर पर रही और सीपीएम तीसरे नंबर पर खिसक गई.
राजस्शान में अलवर और अजमेर लोकसभा उपचुनावों में कांग्रेस ने बड़ी बढ़त बनाए हुए है. साल 2014 के चुनाव में दोनों ही सीटें बीजेपी ने जीती थी.
उधर, राजस्थान की मांडलगढ़ विधानसभा सीट कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने जीत ली है. इस सीट पर बीजेपी के शक्ति सिंह हादा 12 हज़ार वोट से हारे.
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उपचुनाव: सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
उपचुनावों में पिछड़ती बीजेपी की सोशल मीडिया पर चर्चा है. लोग बीजेपी के हार की तरफ बढ़ने पर तंज कस रहे हैं.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने लिखा, "राजस्थान उपचुनावों में हारे हुए उम्मीदवारों को अब मोदी के पकौड़े वाले रोजगार का ही सहारा है."
अर्चना ने लिखा, "कांग्रेस तीनों सीटों पर आगे. बीजेपी की करणी सेना की नौटंकी काम नहीं आई. वक्त है कि राहुल गांधी सुपर कमबैक कर लें."
जितेंद्र नारायण ने फेसबुक पर लिखा, "करणी की करनी राजस्थान में भाजपा को चुनाव जीताने में कितना काम आई?"
कांग्रेस के आधिकारिक ऑफिशियल हैंडल से लिखा गया, "देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाली सरकार का आखिरी पूर्ण बजट, इसके बाद देश की जनता इनको दिखाएगी बाहर का रास्ता; शुरुआत राजस्थान से हो चुकी है!"
विवेकानंद ने फ़ेसुबक पर लिखा, "हारेंगे तो वसुंधरा से लोग गुस्सा थे. जीतेंगे तो 'मोदी लहर नहीं सुनामी' जारी है!"
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