बोइंग उड़ाकर गणतंत्र दिवस परेड में पहुंचे ब्रुनेई के सुल्तान

मुख्य अतिथियों के साथ फ़्लाइपास्ट देखते प्रधानमंत्री मोदी

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भारत के इतिहास में पहली बार आसियान के सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेता गणतंत्र दिवस की परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.

आसियान दक्षिणी पूर्वी एशिया के दस देशों का समूह है जिसमें सिंगापुर, थाइलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलीपींस, म्यांमार, कम्बोडिया, लाओस और ब्रुनेई शामिल हैं.

ब्रुनेई के सुल्तान हसनल बोल्कियाह तो अपना बोइंग ख़ुद उड़ाकर भारत पहुंचे. उन्हें दुनिया का सबसे अमीर सुल्तान माना जाता है.

फ़ोर्ब्स ने कुछ समय पहले उनकी कुल दौलत 12 हज़ार 700 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा बताई थी.

ब्रुनेई के सुल्तान ने पिछले साल अपने शासन के 50 साल पूरे किए

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दुनिया के सबसे अमीर सुल्तान

71 साल के हसनल बोल्कियाह अपनी शानदार जीवनशैली के लिए मशहूर हैं.

वे इससे पहले भी दो बार भारत आ चुके हैं. 2008 और 2012 में हुई इन यात्राओं में भी सुल्तान ख़ुद अपना जेट उड़ाकर भारत आए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में यह बोल्कियाह की पहली यात्रा है. इस बार भी उन्होंने अपनी आमद का तरीक़ा पहले जैसा ही रखा. वे न सिर्फ़ निजी बोइंग में आए बल्कि उसे ख़ुद उड़ाकर भी लाए.

सुल्तान बोल्कियाह के पास पायलटों की पूरी टीम है. लेकिन उन्हें प्लेन उड़ाने का इतना शौक़ है कि वे किसी और को कॉकपिट में बैठने ही नहीं देते.

वे अक्सर सभी विदेश यात्राओं में प्लेन ख़ुद उड़ाते हैं.

ब्रुनेई के सुल्तान पायलटों की टीम होने के बावजूद अपने प्लेन ख़ुद उड़ाते हैं

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सुल्तान के पास कई निजी प्लेन हैं

50 साल से ब्रुनेई की सत्ता पर क़ाबिज़ सुल्तान के पास कई प्लेन हैं जिनमें एक एयरबस ए-340 भी शामिल हैं.

2011 में फ़ोर्ब्स में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ सुल्तान हसनल ने उस वक़्त 635 करोड़ रुपये में एक बोइंग 747 खरीदा था जो तब उनका सबसे बड़ा प्लेन था.

इसके बाद सुल्तान ने 762 करोड़ रुपये और लगाकर उस बोइंग का इंटीरियर करवाया जिसमें सोने और क्रिस्टल से बने वॉशबेसिन भी शामिल थे.

सुनहरे और हरे रंग की अंदरूनी साज-सज्जा वाला ये वही प्लेन था जिसे उड़ाकर सुल्तान 2012 में अपनी पत्नी के साथ नई दिल्ली आए थे.

रॉयल ब्रुनेई

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1788 कमरों वाले महल में रहते हैं

100 साल तक ब्रिटेन के संरक्षण में रहा ब्रुनेई 1984 में एक आज़ाद राष्ट्र बना.

सुल्तान हसनल की दौलत का मुख्य स्रोत उनके देश के तेल और गैस के भंडार हैं.

अपने कुदरती संसाधनों की वजह से ब्रुनेई आत्मनिर्भर राष्ट्र है और अब तक इस्लामी चरमपंथ से अछूता रहा है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक ख़बर के मुताबिक़, सुल्तान हसनल के पास दुर्लभ कारों का सबसे बड़ा ज़खीरा है जिसमें सोने से मढ़ी एक रोल्स रॉयस भी शामिल है.

नदी के तट पर बना सुल्तान का महल गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल है

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सुल्तान 1788 कमरों के एक महल इस्ताना नुरूल इमान में रहते हैं जिसे दुनिया का सबसे बड़ा निजी घर माना जाता है.

ब्रुनेई नदी के तट पर बना यह महल दो लाख स्क्वायर फ़ीट में फैला है जिसमें 38 किस्म का संगमरमर लगा है. इस महल में 1500 लोग रह सकते हैं.

महल में एक हेलीपैड, पांच स्विमिंग पूल और 250 से ज़्यादा बाथरूम हैं. इसके बैंक्वेट हॉल में एक बार में 5000 लोगों से भी ज़्यादा मेहमानों को दावत दी जा सकती है.

इसके नाम पर बनी एक साइट में बताया गया है कि किसी राष्ट्राध्यक्ष के सबसे बड़े घर के रूप में इस महल का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल है.

सुल्तान के महल में एक बार में 5000 मेहमानों को दावत दी जा सकती है.

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सफेद रंग के इस्ताना नुरूल इमान के गुंबद और इमारतें सुनहरे रंग के हैं जो दूर से ही नज़र आते हैं. इस महल को बनाने में दो साल का समय और तक़रीबन 6,353 करोड़ रुपये लगे थे.

सुल्तान ने अपने महल में चीन के शंघाई से मंगाया ग्रेनाइट पत्थर, इटली का संगमरमर और इंग्लैंड से आया कांच लगवाया. साथ ही चीन के सबसे उम्दा सिल्क के पर्दे और कालीन बनवाए.

ब्रुनेई भारत को लंबे समय से तेल बेचता रहा है. साथ ही उसने हमेशा भारत को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की वक़ालत की है.

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