17 लोग आग में भस्म, बीजेपी की मेयर को सियासत की चिंता

राजधानी दिल्ली के बाहरी इलाके में बने बवाना औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक कारखाने में आग लगने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है.

दमकल अधिकारियों का कहना है कि ये दो मंज़िला इमारत थी जिसकी पहली मंज़िल पर पटाख़े रखे थे. आग पहले पटाखों में लगी जिसके बाद वो जल्द ही दूसरी मंज़िल पर रबर के कारखाने तक फैल गई.

इस संबंध में सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भाजपा नेता को कहते सुना जा सकता है कि 'इस बारे में वो कुछ नहीं बोल सकतीं क्योंकि लाइसेंसिंग उनके पास है.'

हालांकि वीडियो सही है या नहीं इसकी जांच अभी बाकी है.

इस वीडियो के सामने आने के बाद से दिल्ली सरकार और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. ग़ौरतलब है कि जहां दिल्ली सरकार चलाने का दायित्व आम आदमी पार्टी का है वहीं स्थानीय निकाय भाजपा के हाथों में है.

वीडियो के बाद शुरू हुआ आरोपों का दौर?

समाचार एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेर्शन की मेयर प्रीति अग्रवाल अपने साथ खड़े व्यक्ति से कह रही हैं, "इस फैक्टरी की लाइसेंसिंग हमारे पास है इसलिए इस पर हम कुछ नहीं बोल सकते."

सोशल मीडिया पर कई लोग बवाना में आग लगने की घटना और इस वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

पत्रकार अनुराग ढ़ांडा ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया और लिखा, "राजनीति में इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि 17 लोगों की लाश पर कोई नेता इसलिए चुप है क्योंकि लाइसेंस उसी की पार्टी की एमसीडी ने दिया है."

इस ट्वीट को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने री-ट्वीट किया है.

वीडियो के सामने आने के कुछ ही देर बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का एक ट्वीट सामने आया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि फ़ैक्ट्री का लाइसेंस दिल्ली सरकार और उसके इंडस्ट्री विभाग के पास है.

इसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए लिखा 'ये सबूत है कि ग़ैरकानूनी तरीके से लाइसेंस दिया गया था.'

मनोज तिवारी के ट्वीट के उत्तर में पत्रकार पूनम पांडे ने लिखा, "ये राजनीति का कौन-सा चेहरा है, बेहद शर्मनाक...हम कुछ नहीं बोल सकते.. इनके लिए राजनीति के आगे किसी की जान की कोई क़ीमत नहीं."

पत्रकार आशुतोष मिश्रा ने लिखा, "शहरों में इमारत का नक्शा पास करने से लेकर दुकान या फ़ैक्ट्री को लाइसेंस देने तक का अधिकार सिर्फ निगम या प्राधिकरण का है."

सोशल मीडिया पर नदीम राम अली ने लिखा, "तिवारी जी कह रहे हैं एएनआई द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो झूठा है, हद है."

प्रीतम कोठाडिया ने लिखा, "तिवारी साहब... किस दौर के राजनेता हैं आप? वीडियो को आप झूठ बता रहे हैं. आज ऐसी राजनीति चाहिए जो ग़लत को ग़लत कहे और उस पर कार्रवाई करे. मैं केजरीवाल समर्थक नहीं हूं, लेकिन आप इस तरह की बयानबाज़ी करेंगे तो मज़ाक के पात्र ही बनेंगे. प्रदेशाध्यक्ष के नाते कुछ कीजिए."

सरकारी मदद की घोषणा

दिल्ली प्रदेश के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देर रात अस्पताल पहुंचे और घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी ली.

उन्होंने सरकार की तरफ से मृतकों के परिवारजनों के लिए 5 लाख और घायलों के लिए 1 लाख रुपए की मदद की घोषणा की है.

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि फ़ैक्ट्री के लिए लाइसेंस किसने दिया और आग किन हालातों में लगी है.

उन्होंने कहा कि जो ज़िम्मेदार होंगे उनके ख़िलाफ़ कदम उठाए जाएंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)