गुस्साए मनमोहन सिंह ने कहा, 'बयान के लिए माफ़ी मांगें पीएम मोदी'

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मीडिया में बयानबाज़ी के लिए नहीं जाने जाते. साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह अपने दस साल के कार्यकाल में अधिकतर कम बोलते नज़र आए.
लेकिन रविवार को पालनपुर में दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण ने मनमोहन सिंह को इतना नाराज़ कर दिया कि उन्होंने आज एक बयान जारी कर पीएम मोदी से माफ़ी मांगने को कहा.
अपने बयान में मनमोहन सिंह ने कहा, ''हार को सामने देख, बौखलाहट में असत्य व अफ़वाहों का सहारा ले रहे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आचरण व शब्दों से मुझे अत्यंत पीड़ा व क्षोभ है. एक निराश और हताश प्रधानमंत्री अपशब्दों का सहारा ले व हर झूठे तिनके को पकड़ अपनी डूबती हुई चुनावी नैया को पार कराने का विफल प्रयास कर रहे हैं. खेदजनक और दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि मोदी जी पूर्व प्रधानमंत्री तथा सेनाध्यक्ष सहित सभी संस्थागत पदों को बदनाम करने की कोशिश में एक आपत्तिजनक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं.''

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'मेरी देशसेवा पर कोई सवाल नहीं खड़े कर सकता'
मनमोहन सिंह आगे लिखते हैं कि, ''मेरा पांच दशकों का देशसेवा का रिकॉर्ड जगजाहिर है. झूठे राजनीतिक फ़ायदे के लिए न तो श्री नरेंद्र मोदी और न कोई और इस पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकता है. मैं, श्री मोदी द्वारा फैलाई जा रही अफ़वाहों व झूठ को सिरे से खारिज करता हूं क्योंकि श्री मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए रात्रिभोज पर मैंने गुजरात चुनाव के बारे में न तो किसी व्यक्ति से चर्चा की और न ही गुजरात चुनाव का मुद्दा किसी तरह से चर्चा में आया. चर्चा केवल भारत-पाक संबंधों तक सीमत रही. मैं आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री अपने पद की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए परिपक्वता दिखाएंगे, बजाय इसके कि वो अपना सारा समय और ताक़त असत्य व कोरी झूठ का प्रचार तथा प्रसार करने में लगाएं. मैं यह भी आशा करता हूं कि माननीय प्रधानमंत्री अपने उच्च पद की प्रतिष्ठा को पुन: बहाल करने हेतु राष्ट्र से अपने दुर्व्यवहार के लिए माफ़ी मांगेंगे.''

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प्रधानमंत्री का वो बयान
इस विवाद की शुरुआत रविवार को तब हुई जब बनासकांठा के पालनपुर में एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'पाकिस्तान कांग्रेस के साथ मिलकर गुजरात चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है.' प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के एक पूर्व अधिकारी चाहते हैं कि कांग्रेस नेता अहमद पटेल गुजरात के अगले मुख्यमंत्री बनें.
रैली में आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हाल ही में कांग्रेस से निलंबित किए गए मणिशंकर अय्यर के घर कुछ ही दिन पहले एक बैठक हुई थी जिसमें पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पूर्व विदेश मंत्री, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मौजूद थे.'

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'हमें प्रधानमंत्री से उपदेश नहीं चाहिए'
इन आरोपों से नाराज़ मनमोहन सिंह ने अपने बयान में लिखा कि ''न तो कांग्रेस पार्टी को और न ही मुझे राष्ट्रभक्ति पर एक ऐसे प्रधानमंत्री या एक ऐसी पार्टी से उपदेश चाहिए जिनका उग्रवाद से लड़ने का रिकॉर्ड ढुलमुल रहा है. मैं श्री नरेंद्र मोदी को याद दिलाना चाहता हूं कि वो ऊधमपुर व गुरदासपुर के आतंकवादी हमलों के बावजूद बिन बुलाए मेहमान बनकर पाक़िस्तान गए थे. क्या वे देश को बताएंगे कि किन कारणों से उन्होंने पाकिस्तान में रचे गए पठानकोट उग्रवादी हमले के बाद पाकिस्तान की बदनाम आईएसआई को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट एयरबेस पर जांच के लिए आमंत्रित किया था?''
पीएम मोदी ने रैली में कहा था कि यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली. उन्होंने कहा,''इस बैठक के अगले ही दिन मणिशंकर अय्यर ने मुझे 'नीच' कहा, यह बेहद ही गंभीर मामला है.''

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कांग्रेस से निलंबित हो चुके हैं अय्यर
कुछ दिन पहले मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी के लिए 'नीच किस्म' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था.
हालांकि बाद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए मणिशंकर अय्यर को पार्टी में प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं रखी.












