मतदान से ठीक पहले बीजेपी लाई संकल्प पत्र, क्या हैं खास बातें?

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गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को संकल्प पत्र जारी किया.
बीजेपी के घोषण पत्र जारी न करने को लेकर हार्दिक पटेल ने शुक्रवार को बीजेपी पर तंज किया था. हार्दिक ने ट्वीट किया, ''सीडी बनाने के चक्कर में बीजेपी घोषणा पत्र बनाना भूल गई, कल वोटिंग है. गुजरात में विकास के साथ-साथ चुनावी घोषणापत्र भी लापता है. साहब कोई कुछ भी नहीं कहेगा कृपया आप एक बार चुनावी घोषणा पत्र में अपनी शैली में फेंक दीजिए.''
हार्दिक पटेल के इस ट्वीट के कुछ घंटों बाद ही वित्त मंत्री अरुण जेटली और गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वघानी पार्टी के संकल्प पत्र के साथ सामने आए.
अरुण जेटली ने कहा, ''हमारा विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य यही है कि गुजरात में विकास की दर को हमने जो बढ़ाई है, उसे ही बनाए रखें. वैश्विक मंदी के दौरान अगर हम ये गति बनाए रखते हैं तो हम इसे बनाए रखेंगे.''

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पढ़िए जेटली ने क्या-क्या खास कहा
- समस्त गुजरात को एक रखना और हर वर्ग की चिंता करना हमारा मुख्य लक्ष्य है. कांग्रेस अपने घोषणापत्र में ऐसे वादे कर रही है, जिससे जुड़ी योजनाएं केंद्र सरकार पहले से चला रही है.
- गुजरात में समाजिक ध्रुवीकरण की कांग्रेस की कोशिश समाज के लिए नुकसानदायक रहेगी. कांग्रेस ने जो दो वादे किए, वो संवैधानिक तौर पर गलत हैं.
- गुजरात की जीएसडीपी ग्रोथ भारत में सबसे ज़्यादा है. बीते पांच सालों में गुजरात औसत 10 फीसदी की दर से विकास कर रहा है.
- हमारा उद्देश्य है कि हर क्षेत्र में जो साधन हैं, वो और बढ़ाए जाएं. आवास योजना के तहत हर नागरिक के पास अपना घर हो.
- गुजरात के मेडिकल कॉलेज बढ़ाए जाने पर भी हमारा ज़ोर होगा. हमें अपनी परफॉर्मेंस पर गर्व है, हम उसी के तहत आगे बढ़ेंगे.
पत्रकारों के सवालों पर क्या बोले जेटली
जब अरुण जेटली से पत्रकारों ने बीते चुनावों के वादों पर सवाल किए. तब जेटली ने कहा, हमारी ग्रोथ रेट हमारा इतिहास बताता है. हम अतीत की बातों पर नहीं जाएंगे. रही बात भ्रष्टाचार और शिक्षा की, तो ये पूरे देश का मुद्दा है.
संकल्प पत्र की खास बातें क्या हैं?
- आधुनिक उपकरणों का समावेशन
- शिक्षा की गुणवत्ता में विस्तार
- गंभीर बीमारियों के लिए जिला अस्पताल में उपचार की सुविधा का विस्तार
- जेनेरिक और सस्ती दवाओं के केंद्रों में बढ़ोत्तरी
- मोबाइल क्लिनिक और 252 सरकारी डोयग्नोस्टिक लैब की स्थापना
- गुजरात को 2022 तक पानी से होने वाली बीमारियों से मुक्त करने का लक्ष्य

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