गुजरात में चुनाव से पहले घरों पर दिखे लाल निशान

- Author, अर्चना पुष्पेंद्र
- पदनाम, बीबीसी गुजराती
गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद में बीते दिनों कुछ हिंदू और मुस्लिम परिवारों के घरों के दरवाजों पर लाल निशान देखे गए थे. इस वजह से अहमदाबाद के इस इलाके में तनाव फैलने की बात सामने आई है.
अहमदाबाद के पाल्दी क्षेत्र की अमन कॉलोनी, एलीट फ़्लैट्स, डिलाइट फ़्लैट्स, क्रिस्टल अपार्टमेंट्स और साहिल फ़्लैट्स जैसी 12 इमारतों के घरों के बाहरी दरवाजों पर ये निशान देखे गए हैं.
अहमदाबाद के समृद्ध इलाकों में से एक पाल्दी क्षेत्र में आर्थिक रूप से समृद्ध मुस्लिम परिवार रहते हैं. इन इमारतों में रहने वाले मुस्लिम परिवारों ने ये निशान सुबह-सुबह अपने दरवाजों पर देखे जिसके बाद अफ़वाहों का दौर शुरू हो गया.

स्थानीय नागरिकों ने इन निशानों से संबंधित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है.
क्या कहती है पुलिस?
अहमदाबाद की पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए पता लगाया है कि ये निशान नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने लगाए हैं.
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त ए के सिंह ने बीबीसी को बताया, "नगर निगम के कर्मचारियों ने इन घरों पर निशान लगाए हैं. लेकिन सिर्फ़ मुस्लिम घरों के दरवाजों पर ये निशान नहीं लगाए गए हैं. कई जगहों पर हिंदू परिवारों के घरों पर भी ये निशान देखे गए हैं. नगर निगम कर्मचारियों ने ये निशान घर-घर से कूड़ा उठाने की स्कीम के तहत ये निशान लगाए थे."

अमन कॉलोनी के मुबीन लकाडिया कहते हैं, "हम नहीं जानते कि ये निशान किसने लगाए, लेकिन हम डरे हुए हैं. मेरी पत्नी और बच्चे अब बाहर जाने में सहज नहीं हैं."
2002 के दंगों से कनेक्शन
साल 2002 के दंगों के दौरान पाल्दी क्षेत्र के डिलाइट अपार्टमेंट को निशाना बनाया गया गया था. उस दौरान भी इन इमारतों पर लाल क्रॉस के निशान देखे गए थे.

एलीट कॉलोनी के सिक्योरिटी गार्ड कहते हैं कि शुरुआत में ये अजीब लगा, लेकिन जब ज़्यादा घरों में ये निशान देखे गए तो हमें डर लगा.

डिलाइट फ़्लैट्स में रहने वाले ओवेश सरेशवाला कहते हैं, "कोई भी लाल क्रॉस के निशान से डरेगा क्योंकि लाल क्रॉस का निशान हमले और आतंक का प्रतीक है. हम पर कौन हमला करना चाहेगा. हमने पुलिस को पत्र लिखकर मदद मांगी थी. इसके बाद पुलिस ने भी प्रतिक्रिया देकर इस मामले में जांच करने का आश्वासन दिया."
इससे पहले कुछ विवादित पोस्टर भी देखे गए थे जिनमें "पाल्दी को जुहापुरा बनने से रोकिए" लिखा था. जुहापुरा सबसे बड़ी मुस्लिम बस्तियों में से एक है.

पुलिस आयुक्त ए के सिन्हा ने बीबीसी को बताया, "पाल्दी क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोग इन पोस्टरों और इन निशानों के बीच संबंध तलाश रहे हैं. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं."
गुजरात में 9 से 14 दिसंबर के बीच विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. बीजेपी ने साल 2012 में भी विधानसभा चुनाव जीता था.
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