ईद की ख़रीददारी कर ट्रेन से जा रहे नौजवान की हत्या

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गुरुवार की रात दिल्ली से बल्लभगढ़ जा रहे एक 16 साल के एक मुसलमान लड़के को लोकल ट्रेन में भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला.
मारे गए जुनैद के साथ उसके दो भाई और दो दोस्त भी थे, उन्हें भी चोटें आई हैं. घटना बीते गुरुवार रात की है.
असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हसन अली ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में पीड़ित लड़कों की निशानदेही पर दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और शुक्रवार को शव दफ़ना दिया गया.
जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने बताया कि उनके तीन बेटे- जुनैद, हाशिम, शाकिर और पड़ोसी का लड़का मोहसिन दिल्ली से ईद की ख़रीददारी करके लौट रहे थे. इन चारों की उम्र 18 साल से कम थी.
उन्होंने बताया कि तुगलकाबाद से चढ़े दैनिक यात्रियों ने इन लड़कों की टोपी को देख फ़ब्तियां कसीं और सीट से उठने को कहा.
जलालुद्दीन के अनुसार, " हत्या करने वाले अपरिचित थे और उनसे पहले की कोई रंजिश भी नहीं थी."
पलवल के रहने वाले हाजी अल्ताफ़ ने इस मामले में जुनैद के परिवार की तत्काल मदद की थी.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि पांच लड़के दिल्ली के सदर बाज़ार से शाम छह बजे के क़रीब मथुरा जाने वाली लोकल ट्रेन में चढ़े थे.
तुगलकाबाद के पास कुछ लोग ट्रेन में चढ़े. सीट पर जगह देने को लेकर बैठे हुए जुनैद और उनके साथियों के साथ झगड़ा शुरू हो गया.
झगड़ा करने वाले सिर्फ चंद लोग ही थे. उन्होंने साम्प्रदायिक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं.
इन लड़कों को बल्लभगढ़ उतरना था, क्योंकि इनका गांव खंडावली इस स्टेशन से नज़दीक पड़ता है.

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अल्ताफ़ के अऩुसार, "आक्रामक भीड़ ने उन्हें उतरने नहीं दिया और यहां से 10 मिनट की दूरी पर अगले स्टेशन असावटी के बीच लड़कों से बुरी तरह मारपीट की गई. उन पर चाकुओं से हमला किया गया, जिसमें जुनैद और उसके दो साथी बुरी तरह ज़ख्मी हो गए."
उनका कहना है कि इस बीच जुनैद के साथियों ने पुलिस, एंबुलेंस को फ़ोन किया, जंज़ीर खींची. लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली.
जब ट्रेन असावटी पहुंची तो हमला करने वाले पहले ही उतर कर भाग गए. वहां जुनैद को स्टेशन पर उतारा गया, जहां थोड़ी ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया.
अल्ताफ़ कहते हैं कि लड़कों को इतनी बुरी तरह मारा गया था कि पूरी बोगी में खून ही खून दिखाई दे रहा था. जब उसे प्लेटफ़ार्म पर उतारा गया तो खून से उसके सारे कपड़े लथपथ थे.
जलालुद्दीन के दूसरे लड़के शाकिर को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिसे दिल्ली के सफ़्दरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
रेलवे के अधिकारी भी बल्लभगढ़ पहुंच गए हैं और मामले की छानबीन कर रहे हैं.
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