मर्सी किलिंग चाहते हैं राजीव गांधी के हत्या के दोषी

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप में पिछले 26 साल से क़ैद में जीवन गुज़ार रहे रॉबर्ट पायस ने मर्सी किलिंग के लिए तमिलनाडु के अधिकारियों से गुज़ारिश की है.
श्रीलंका के नागरिक रॉबर्ट ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ई पलनीसामी को लिखे एक ख़त में कहा है कि उन पर दया कर उन्हें मरने की अनुमति दी जाए और मौत के बाद उनके शव को उनके परिवार को सौंप दिया जाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जेल के एक आला आधिकारी का कहना है, "पायस ने पुज़ल जेल अधिकारियों के ज़रिए सरकार को याचिका सौंपी है."

रॉबर्ट का कहना है कि उनके परिजन भी अब उनसे मुलाकात के लिए नहीं आते और अब उनके जीवन का कोई उद्देश्य नहीं रहा.
राजीव गांधी की हत्या के संबंध में तमिल टाइगर्स के जिन सात पूर्व सदस्यों को क़ैद की सजा दी गई थी, पायस उनमें से एक हैं.
पायस का कहना है कि तमिलनाडु सरकार उनकी रिहाई की कोशिशें करती रही है. पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता ने भी उन्हें रिहा कराने की कोशिश की थी.
वो इसके लिए केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार और अब मौजूदा एनडीए सरकार को दोषी मानते हैं जो उनकी रिहाई का विरोध कर रही है.
वो कहते हैं, "केंद्र चाहता है कि हम जेल में ही मर जाएं."

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पायस कहते हैं, "तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार की चुप्पी हमें बता रही है कि हमारी ज़िंदगी जेल में ही ख़त्म हो जानी चाहिए."
वो कहते हैं, "मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अगर मेरे बाहर निकलने की कोई उम्मीद ही नहीं है तो मेरे जीने का कोई मतलब नहीं है."
पायस के मुताबिक, 11 जून को जेल में उनके 26 साल पूरे हो चुके हैं और अब वो यहां अपना 27वां साल काट रहे हैं.
पायस कहते हैं, "पहले उन्होंने मौत के बारे में नहीं सोचा था लेकिन अब गंभीरता से मर्सी किलिंग के बारे में सोच रहे हैं."
राजीव गांधी की 21 मई 1991 में दक्षिण भारत के श्री पेरम्बदूर में एक चुनावी रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी.
उनकी हत्या के दोष में संथन, मुरूगन, पेरारिवलन, नलिनी, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन जेल में सज़ा काट रहे हैं.

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