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दस ख़तों में पढ़ें दुआ और सौम्या के दिल की बातें
क्या आपने कभी सोचा है कि दशकों से तनाव और हिंसा का केंद्र रही कश्मीर घाटी में बड़ी हो रहीं लड़कियों और बाक़ी भारत में रहनेवाली लड़कियों की ज़िंदगी कितनी एक जैसी और कितनी अलग होगी?
यही समझने के लिए हमने वादी में रह रही दुआ और दिल्ली में रह रही सौम्या को एक दूसरे से ख़त लिखने को कहा. सौम्या और दुआ कभी एक दूसरे से नहीं मिले.
उन्होंने एक-दूसरे की ज़िंदगी को पिछले दो महीने में इन 10 ख़तों से ही जाना.
(रिपोर्टर/प्रोड्यूसर: बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य)
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