श्रीनगर के पास चरमपंथी हमला, दो सैनिकों की मौत

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- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए
अपुष्ट ख़बरों के अनुसार शनिवार सुबह को भारत प्रशासित कश्मीर में हुए एक चरमपंथी हमले में कम-से-कम दो सैनिकों की मौत हो गई है और पांच अन्य को गोली लगी है.
सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने हमले की पुष्टि की है और कहा है, "छह जवानों को गोलियां लगी हैं. इनमें से एक गंभीर रूप से घायल हैं."
ये हमला श्रीनगर के नज़दीक काज़ीकुंड के कस्टम चेकप्वाइंट के पास हुआ.

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कश्मीर में हाल में चरमपंथी हिंसा और भारतीय प्रशासन के ख़िलाफ़ सड़कों पर विरोध प्रदर्शनों में तेज़ी देखी जा रही है.
हाल में श्रीनगर में सेना के आला अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई थी जिसमें चरमपंथियों से लड़ने के लिए 'रणनीति' तैयार करने पर चर्चा हुई.
लगभग एक दर्जन स्थानीय लोगों और विदेशी चरमपंथियों की 'हिट-लिस्ट' जारी की गई और 'सेना को उनके ख़िलाफ़ कार्यवाई करने का' आदेश दिया गया ताकि जून के आख़िर में दक्षिण कश्मीर स्थित एक गुफ़ा तक होने वाली हिंदुओं की तीर्थ यात्रा सुचारू रूप से हो पूरी सके.
पुलिस और सेना के अधिकारियों का मानना है कि कश्मीर के उत्तर और दक्षिण के इलाकों में कम से कम 200 चरमपंथी सक्रीय हैं.

बीते साल जुलाई में हिज़बुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वाली की मौत के बाद से घाटी में हिंसा का माहौल रहा.
बुरहान वानी की मौत के बाद से घाटी में अब तक लगभग 100 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और हज़ारों घायल हुए हैं. इनमें से कई पेलेट गन से निकली नकली गोलियों का शिकार हुए.
बीते साल कई महीनों घाटी में बंद रहा और कामकाज ठप रहा.
सर्दियों के महीनों में कुछ दिनों की शांति के बाद इस साल अप्रैल में एक बार फिर से सड़कों में प्रदर्शन शुरू हो गए. इस दौरान अधिकारियों ने भारतीय संसद की एक खाली सीट के लिए उप-चुनाव करवाया था.

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अलगाववादी नेताओं ने मतदाताओं से मतदान का बहिष्कार करने की अपील की. मतदान देने के लिए योग्य मतदाताओं में से मात्र सात फीसदी मतदाताओं ने ही अपने वोट डाले.
अधिकारियों ने तय किया कि अलगाववादियों के विरोध और हथियारबंद हिंसा के ख़िलाफ़ वो सख्ती से निपटेगी.
27 मई को घाटी में फिर से ताज़ा विरोध की ख़बरें आईं, जब त्राल में सुरक्षाबलों के साथ गोलीबारी में हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर सबज़ार अहमद बट की मौत हो गई. उन्हें बुरहान वानी का करीबी माना जाता था.

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भारतीय सरकार आरोप लगाती रही है कि पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा का समर्थन करता रहा है और सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को भड़का रहा है और अलगाववादी दलों के ज़रिए हथियारबंद हिंसा को बढ़ावा दे रहा है.
भारत की जांच एजेंसी एनआईए ने शनिवार को कई अलगाववादी नेताओं के घरों और इलाके के बड़े उद्योगपतियों के घरों पर रेड डाली.
पाकिस्तान प्रायोजित चैनल के ज़रिए ग़ैरकानूनी तरीके से पैसों के लेनदेन के मामले में उनकी भूमिका के संबंध में कम से कम तीन अलगाववदी नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है.
दिल्ली स्थित न्यूज़ चैनल में एक 'स्टिंग ऑपरेशन' दिखाए जाने के बाद सरकार हरकत में आई है.
स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर कुछ नेताओं ने कबूल किया था कि घाटी में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें बड़ी रकम मिली है.
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