जो भी किया खुल्लम खुल्ला किया है: उमा भारती

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बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमा भारती समेत 13 लोगों पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है.
इसके बाद उमा भारती ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "अपराध अभी प्रमाणित नहीं हुआ है. और मैं राम, गंगा और अयोध्या के लिए इंद्र का पद भी छोड़ सकती हूं मंत्री का पद तो बहुत कम है."
उन्होंने माना कि 6 दिसंबर को वो अयोध्या में मौजूद थीं लेकिन उन्होंने साजिश के आरोपों से इंकार किया है. उन्होंने कहा, "मैं 6 दिसंबर को वहां मौजूद थी, इसमें साजिश की क्या बात है."
उन्होंने कहा कि वो पद से चिपकनेवाली व्यक्ति नहीं हैं और वकील उनका पक्ष अदालत में रखेंगे.
उन्होंने कहा, "जो भी किया है खुल्लम खुल्ला किया है."

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जो बातें उन्होंने कही-
- कांग्रेस को मेरा इस्तीफा मांगने का हक़ नहीं है क्योंकि उन्होंने देश में इमरजेंसी लगाई थी और लाखों लोगों को बधियाकरण कराया था.
- जब 1984 में दस हजार सिख मार दिए गए, उस समय सोनिया गांधी राजीव गांधी के ही घर में थी, तो क्या उनको उसका साजिशकर्ता माना जाए.
- तिरंगा फहराने के आरोप में मेरे खिलाफ फैसला आया था. इसके बाद मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इस मामले में अभी मुकदमा शुरू हुआ है, इसलिए इस्तीफा नहीं दूंगी.
- मैंने हक से तिरंगा लहराया है, गंगा की सफाई भी करूंगी.
- सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब भव्य राम मंदिर के बनने का समय आ गया है.
- ज़मीन किसकी है इस पर विवाद है जो कोर्ट के भीतर भी सुलझ सकता है और कोर्ट के बाहर भी.
- अयोध्या, गाय, गंगा और तिरंगा के मामले में जान की बाज़ी लगा सकती हूं.
उन्होंने कहा कि वो गुरुवार को अयोध्या जाएंगी, "राम लला और हनुमान का आभार जताने के लिए मैं अयोध्या जा रही हूं."
आगे उन्होंने कहा, "राम मंदिर बन कर रहेगा, कोई माई का लाल उसे नहीं रोक सकता."












