'भाजपा शासित राज्यों में बंद हो बीफ़ का कारोबार'

उत्तर प्रदेश में मीट की एक दुकान.

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झारखंड की संस्था अंजुमन इस्लामिया ने राज्य सरकार की ओर से अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के आदेश पर आपत्ति जताई है.

झारखंड सरकार ने राज्य के सभी अवैध बूचड़खानों को अगले 72 घंटे में बंद कराने का हुक्म दिया है.

झारखंड सरकार का आदेश

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राज्य के गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, एसपी, एसडीओ और नगर निकायों को पत्र लिखा है.

स्थानीय पत्रकार रवि प्रकाश ने जब इस फ़ैसले के बारे में अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष मो इबरार अहमद से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ''बेहतर होता सरकार इस आदेश को रामनवमी और सरहुल के बाद जारी करती. वैसे भी रांची में एक भी बूचड़खाने के पास लाइसेंस नहीं है. दो लाइसेंसी बूचड़खाने थे, जिनका सरकार ने नवीनीकरण नहीं किया."

उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. सरकार अगर सच में गंभीर है, तो पहले पूरे देश में या कम से कम भाजपा शासित सभी प्रदेशों में ही इस व्यापार पर रोक लगा दी जाए.

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास.

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उन्होंने कहा कि इसके व्यापार पर रोक लगाने से पहले सरकार को इस धंधे में शामिल लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था भी करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि संस्था से जुड़े लोग मंगलवार को एक बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे.

अब झारखंड के सभी थाना प्रभारियों को शपथ पत्र देना होगा कि उनके यहां अवैध बूचड़खाने नहीं हैं.

गृह सचिव ने कहा है कि इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी. जो इस आदेश पर अमल की मॉनिटरिंग करेंगे. इसके लिए एसडीओ जिम्मेदार होंगे.

रांची में बूचड़खाने के खिलाफ प्रदर्शन.

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उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ योगी की सरकार ने सत्ता संभालते ही राज्य में अपने चुनावी संकल्प पत्र को लागू करते हुए अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था.

हरिद्वार में भी बूचड़खाने बंद होंगे

वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित एक दूसरे राज्य उत्तराखंड के शहर हरिद्वार में भी स्थानीय प्रशासन की ओर से नगरपालिका क्षेत्र में आने वाली मीट की दुकानों को बंद कराने का आदेश दिया है.

हरिद्वार नगर निगम ये कार्रवाई करेगा.

स्थानीय पत्रकार शिव जोशी ने जब इस फ़ैसले के बारे में शहर के मेयर मनोज गर्ग से पूछा तो उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, "मैंने अपने नगर आयुक्त को, ज़िलाधिकारी को यहां के पुलिस कप्तान को कहा है कि जिनके यहां पर लाइसेंस हैं और जिनके नहीं हैं, मीट को खुला रखते हैं, उसे ढक कर रखें, जो अवैध रूप से कटान कर रहे हैं उन्हें फौरन बंद करने को कहा है और जो लाइसेंस वाले हैं वे नियमों का पालन ठीक से कर रहे हैं या नहीं, ये सुनिश्चित करना होगा."

बीफ़

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मेयर के मुताबिक उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी अवगत करा दिया है.

हरिद्वार नगरपालिका क्षेत्र की परिधि में आने वाले लेकिन शहर से दूर ज्वालापुर इलाके में, बताया जाता है कि करीब 100-150 परिवार मीट की दुकानें चलाते हैं.

इनमें से कई के पास लायसेंस भी नहीं हैं. और ये मांस निर्यातक बड़े कारोबारी भी नहीं हैं.

मेयर मनोज गर्ग ने कहा, "सही सही संख्या तो मैं नहीं बता सकता लेकिन जितने भी हैं उनमें अधिकतर अवैध तरीके से काम कर रहे हैं इसलिए मैंने डीएम और कप्तान को कहा है कि तत्काल बंद कराएं. रात इन लोगों ने कुछ कार्रवाई की है. वे मुझे बताएंगें."

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