आरक्षण को लेकर मायावती का संघ और भाजपा पर हमला

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण पर बयान से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. एक तरफ बीजेपी अपने मातृ संगठन के नेता के इस बयान से चुनावी माहौल में घिर गई है तो दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने कहना शुरू कर दिया है कि बीजेपी आरक्षण विरोधी पार्टी है. अपने बयान पर अब मनमोहन वैद्य भी सफ़ाई दे रहे हैं.
शनिवार को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने वैद्य के इस बयान पर तीख़ा हमला बोला. लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा, "बीजेपी ने आरक्षण ख़त्म करने की कोशिश की तो वह राजनीति भूल जाएगी. संविधान और देशहित में आरएसएस को अपनी ग़लत, जातिवादी मानसिकता बदलने की सख्त ज़रूरत है."

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मायावती ने यह भी कहा कि लोग केंद्र की ग़लत नीतियों के कारण मुश्किल में हैं. बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि मुस्लिमों को समाजवादी पार्टी को वोट देकर अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी को सिर्फ़ बीएसपी ही हरा सकती है.
शुक्रवार को जयपुर साहित्य उत्सव में मनमोहन वैद्य ने कहा था, ''आरक्षण का विषय भारत में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिहाज़ से अलग संदर्भ में आया है. इन्हें लंबे समय तक सुविधाओं से वंचित रखा गया है. भीमराव आंबेडकर ने भी कहा था कि किसी भी क्षेत्र में ऐसे आरक्षण का प्रावधान हमेशा नहीं रह सकता. इसे जल्द से ख़त्म करके समान अवसर देना चाहिए. इसके बजाय शिक्षा और समान अवसर देना चाहिए. इससे समाज में भेद का निर्माण हो रहा है.''

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हालांकि मनमोहन वैद्य ने बाद में समाचार एजेंसी एनएनआई से अपने बयान पर कहा, ''मैंने दो अलग-अलग समुदायों पर अलग-अलग प्रश्नों के जवाब में यह बात कही थी. मैंने अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण का समर्थन किया था जबकि धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया. आरएसएस आरक्षण का समर्थन करता है.''
चुनावी माहौल में मनमोहन वैद्य के इस बयान पर विपक्षी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस दोनों मिलकर आरक्षण ख़त्म करने की साजिश रच रहे हैं.
बिहार चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी. इसे विपक्षी दलों ने बिहार में चुनावी मुद्दा बनाते हुए कहा था कि बीजेपी आरक्षण ख़त्म करना चाहती है.
मोहन भागवत के बयान पर बीजेपी लगातार सफाई देती रही थी. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कहना पड़ा था कि आरक्षण को कोई ख़त्म नहीं कर सकता है.

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बिहार में बीजेपी को नीतीश और लालू के गठबंधन से हार का सामना करना पड़ा था. अब यूपी चुनाव से पहले मनमोहन वैद्य के बयान पर कहा जा रहा है कि यहां भी बीजेपी को नुक़सान उठाना पड़ सकता है.
वैद्य के बयान पर आम आदमी पार्टी समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. बिहार में हार को लेकर बिहार से बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने मोहन भागवत के बयान को जिम्मेदार ठहराया था.

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वैद्य के बयान का बचाव करना बीजेपी के लिए इतना आसान नहीं है. वैद्य के बयान से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में बीजेपी के प्रतिद्वंद्वियों को एक चुनावी मुद्दा मिल गया है.
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