समाजवादी पार्टी के दंगल में अब तक ये सब हुआ

इमेज स्रोत, AFP
समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर चुनाव आयोग फैसला करने वाला है.
साइकिल पर दावेदारी मुलायम सिंह भी कर रहे हैं और अखिलेश यादव भी.
दोनों ही पक्षों ने चुनाव आयोग में अपने अपने दावे किए हैं.
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब चुनाव आयोग को चुनाव चिन्हों पर फैसला करना पड़ा हो.

इमेज स्रोत, AFP
चुनाव चिन्ह की लड़ाई को अगर अलग भी रखें तो समाजवादी पार्टी पिछले कुछ समय से आशंकाओं के भंवर में घिरी दिखती है.
अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के झगड़े में मुख्य रणनीतिकारों की भूमिका में रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव दिखते हैं.
रामगोपाल को अखिलेश के राज का चाणक्य भी कहा जाता है.

इमेज स्रोत, AFP
समाजवादी पार्टी में झगड़ा पिछले साल ही शुरु हो गया था.
अक्तूबर में एक समय ऐसा लगा कि पार्टी टूट के कगार पर खड़ी है.
लेकिन फिर सर्दियों में बाप बेटे एक बार फिर साथ आते हुए दिखाई दिए.
हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि इस झगड़े के पीछे असली पेंच दूसरी बहू का है.
साथ ही नाम आता है अमर सिंह का भी. अमर सिंह ने इस पूरे मामले में मुलायम का साथ दिया है और अखिलेश को बुरा भला भी कहा है.
उधर सपा के झगड़े से आम जनता में नाराज़गी भी है.कहा जाता है कि मुस्लिम समुदाय बड़ी संख्या में सपा का साथ देता है.
अब उनका कहना है कि सपा के कीचड़ से कमल खिल सकता है.
इस पूरे झगड़े में पिछले सप्ताह मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया है. अब देखना है कि कौन चलाएगा समाजवादी साइकिल
अगर आपके मन में भी सपा के दंगल को लेकर कोई सवाल है तो इस लिंक पर पढ़ सकते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












