अपनी भतीजी पर जान छिड़कती थीं जयललिता

इमेज स्रोत, AFP
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
तमिलनाडु और देश के राजनीतिक तबक़े में जयराम जयललिता की छवि काफ़ी आक्रामक और अक्खड़ महिला की रही लेकिन वे अपनी भतीजी दीपा जयकुमार के लिए बहुत करने वाली प्यारी बुआ थीं.
दीपा जयकुमार, जयललिता के बड़े भाई जयकुमार (उनका भी निधन हो चुका है) की बेटी हैं. अपनी बुआ को लेकर उनके मन में कई प्यारी यादें हैं, बचपन की भी और बाद की भी.
दीपा जयकुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "वे हमेशा से ठेठ बुआ जैसी रहीं. भाई के बच्चे से बात करना हमेशा अलग होता है. यह किसी दूसरे बच्चे से बात करने जैसा नहीं होता है."
उन्होंने आगे बताया, "वह मुझे और मेरे भाई को हमेशा सलाह देती थीं कि कैसे पढ़ना है. स्कूली दिनों में वे मेरा उत्साह बढ़ाती रही हैं, हमेशा कहती थीं कि ख़ूब पढ़ाई करो. कॉलेज के पहले साल में वे कई किताबों का ज़िक्र करती थीं, कि उसे पढ़ो और बाद में भी इस मुद्दे पर हमारी बात होती रही."
दीपा अपने बचपन के दिनों की बात याद करते हुए कहती हैं, "एक बार मेरी मां विजयलक्ष्मी और बुआ में राजनीति के किसी मुद्दे पर बहस छिड़ गई. हम सभी लोग लंच के लिए निकले हुए थे. उन्होंने राजनीति को लेकर काफ़ी बुद्धिमता भरे तर्क दिए थे."
हालांकि उन तर्कों का ख़ुलासा दीपा नहीं करती हैं. लेकिन बताती हैं, "मैं उस वक़्त काफ़ी छोटी थी, लेकिन समय के साथ बाद में मुझे उनकी टिप्पणी का मतलब समझ में आया था."

इमेज स्रोत, Deepa Jaykumar
पिछले कुछ समय से ये कहा जा रहा था कि जयललिता और उनके भाई के रिश्ते मधुर नहीं थे. इस बारे में दीपा कहती हैं कि ये पूरा सच नहीं है.
उन्होंने कहा, ''हम लोग हर सप्ताह मिला करते थे, 1991 में जब वे मुख्यमंत्री बन गईं तब भी अच्छे संबंध थे. जब भी वक़्त मिलता मैं उनसे मिलने जाती. उनके जन्मदिन पर तो ख़ास तौर पर जाती ही थी.''
दीपा बताती हैं, ''जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बनीं तो उन्हें लगा कि उनके पास अपने परिवार के लोग होने चाहिए. उन्हें हमसे ऐसा कहा भी. जब तक मेरे पिता जीवित थे तब तक सब सही चल रहा था.''
जयकुमार का निधन 1995 में हार्ट अटैक से हुआ था और उसके बाद जयललिता की भाई के परिवार से दूरी बढ़ गई थी. दीपा बताती हैं, "हमें उनसे बात करने नहीं दिया गया, हमें कहा गया कि आपकी बुआ आप लोगों को नहीं चाहती."
ये संदेश किसने दीपा के परिवार को दिया, दीपा उनकी पहचान को भी ज़ाहिर नहीं करती हैं, कहती हैं, ये हमारे सामने स्पष्ट नहीं था.

इमेज स्रोत, Deepa Jayakumar
हालांकि जब जयललिता दूसरी बार मई, 2001 में मुख्यमंत्री बनीं तो दीपा की जयललिता से लंबी मुलाक़ात हुई थी, इस मुलाक़ात में दीपा ने उनसे शिकायत भी की कि क्या आप हम लोगों से मिलना नहीं चाहती हैं.
उस मुलाक़ात के बारे में दीपा याद करती हैं, "उन्होंने मुझसे कहा था कि दीपा मैं तुम्हें जन्म से जानती हूं. मैंने ही तुम्हारा नाम रखा था. उनकी वजह से ही मेरे माता-पिता की शादी हो पाई."
इसके बाद जयललिता ने दीपा की मुलाक़ात अपने एक सचिव से कराई और कहा कि जब तुम मुझसे मिलना चाहो इन्हें संपर्क कर लेना और उन्होंने उस सचिव से कहा था कि मुझे सीधे दीपा का संदेश मिलना चाहिए.
हालांकि दीपा कहती हैं, "लेकिन मैं उस सचिव से दोबारा नहीं मिल पाई. उस मुलाक़ात के बाद मुझे पोएस गार्डेन में प्रवेश भी नहीं करने दिया गया."
दीपा अपनी बुआ को देखने के लिए कई दिन अपोलो अस्पताल के बाहर भी रहीं लेकिन वो बुआ से नहीं मिल सकीं. उन्होंने बताया, ''मुझे कहा गया कि बड़े अधिकारी आपसे मिलेंगे लेकिन कोई कॉल नहीं आई.''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












