पाकिस्तान 50 करोड़ न दे, आतंकवाद रोके: ग़नी

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अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने अमृतसर में आयोजित हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन में कहा है कि सीमा पार आतंकवाद बेहद गंभीर मुद्दा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जो 50 करोड़ डॉलर अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए देने का वादा किया है, बेहतर होगा कि वह इस रकम का इस्तेमाल आतंकवाद को नियंत्रित करने में करे.
ग़नी ने सम्मेलन में मौजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज़ अज़ीज़ को सीधे संबोधित करते हुए ऐसा कहा है.
उन्होंने कहा, "हमें सीमा पार आतंकवाद को पहचानने की ज़रूरत है. पाकिस्तान ने 50 करोड़ डॉलर अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए देने का वादा किया है. अज़ीज़ साहब इस रकम को चरमपंथ को नियंत्रित करने के लिए खर्च किया जा सकता है. क्योंकि शांति के बिना किसी भी तरह की आर्थिक सहायता बेकार है."
उन्होंने चेतावनी दी कि लगभग 30 चरमपंथी संगठन अफ़ग़ानिस्तान में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने सीमा पार चरमपंथ की पहचान के लिए साझा प्रयासों का भी आह्वान किया.

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ग़नी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले साल चरमपंथी हमलों में सबसे अधिक लोगों की मौत हुई है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. कुछ जगहें अब भी चरमपंथ की पनाहगाह बनीं हुई हैं.
ग़नी ने कहा, "हाल ही में एक तालिबान नेता ने कहा था कि अगर पाकिस्तान में उनकी कोई पनाहगाह न हो तो वो एक महीने भी नहीं टिकेंगे."
सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का अफ़ग़ानिस्तान से क़रीबी रिश्ता है और उसकी मदद करना भारत का मक़सद है.
मोदी ने कहा, "हम सिर्फ़ आतंकवाद के ख़िलाफ़ नहीं हैं, बल्कि उनके भी खिलाफ हैं जो उनका समर्थन करते हैं, उन्हें पनाह देते हैं और उनकी आर्थिक मदद करते हैं."
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