|
मुंबई में कड़ी सुरक्षा में नए साल का जश्न | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले महीने हुए चरमपंथी हमलों के सदमे से बाहर निकलकर मुंबई शहर अब नए साल का स्वागत करने के लिए तैयार है. वैसे तो मुंबई में हर साल नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियाँ की जाती हैं. लोग जमकर पार्टियों को लुत्फ़ भी उठाते हैं लेकिन इस साल चरमपंथी हमलों के बाद इसमें थोड़ी सी कमी देखी जा रही है. बड़ी संख्या में लोग नए साल का जश्न मनाने बाहर जाने के बदले अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ घर पर ही पार्टी करने की तैयारी में हैं. सतर्कता पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं. मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने हसन गफ़ूर ने बीबीसी से कहा कि इस मौक़े पर सुरक्षा को देखते हुए काफ़ी तादाद में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. मैं ख़ुद भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करूँगा. उन्होंने बताया कि शहर में क़रीब दस हजार पुलिस कर्मचारी और अधिकारी तैनात रहेंगे. ट्रैफ़िक पुलिस के एक हज़ार जवान, पांच सौ विशेष अधिकारी सादे लिबास में तैनात किए गए हैं. इन सबके अलावा क़रीब छह सौ अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है. पुलिस की चार सौ पेट्रोलिंग मोबाइल गाड़ियाँ भी मुंबई की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं. इधर शहर में नए साल के जश्न को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया ही देखने को मिल रही है. ज़्यादातार लोग बाहर जाने की बजाए अपने घर पर ही दोस्तों और परिवार वालों के साथ ही नए साल की खुशियाँ बाँटना चाहते हैं. आम तौर पर ऐसे मौक़े पर पाँच सितारा होटलों में जमकर भीड़ होती है लेकिन इस बार इसमें थोड़ी गिरावट देखी जा रही है. दिल में बसा डर साल 2008 के आखिर में जिस तरह से मुंबई ने चरमपंथी हमले को झेला है उसके बाद लोगों के दिलों में कहीं न कहीं डर अब भी बना हुआ है. पेशे से मीडिया प्लानर सौरभ शर्मा कहते हैं, "मैं इस साल अपने पूरे परिवार के साथ अपने घर पर ही नए साल का जश्न मनाने की तैयारी में हूँ. अभी हाल ही में मुंबई में जिस तरह की घटना हुई है, वैसे में हर मुंबईवासी के मन में कहीं न कहीं दुख है. शायद इसीलिए लोग इस बार उतने बड़े पैमाने पर न्यू इयर का जश्न नहीं मना रहे हैं." वहीं पेशे से फ़ाइनेंस एक्ज़क्यूटिव प्रशांत भंडारी भी मानते हैं कि जिन लोगों को बाहर पार्टी के लिए जाना है उन्हें अपनी सुरक्षा का ध्यान ख़ुद ही रखना चाहिए. |
इससे जुड़ी ख़बरें मेज़बानी की तैयारी में ताज और ट्राइडेंट20 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस प्रार्थना सभा के बाद ट्राइडेंट खुला21 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस एक रेस्तरां यह भी था25 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मारे गए यहूदियों की याद में प्रार्थना26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'गेटवे नहीं..., ताज के साथ फ़ोटो'26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई हमलों की जाँच के लिए समिति 30 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||