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कान समारोह: 'ऑन्त्र ल मूर' सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कान फ़िल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित पाम डओर पुरस्कार फ़्राँस की फ़िल्म 'ऑन्त्र ल मूर' यानि स्कूल की कक्षा को मिला है. 21 साल बाद किसी फ़्राँसीसी फ़िल्म को पाम डओर पुरस्कार मिला है. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला बेनीशियो देल तोरो को. कान फ़िल्म समारोह दुनिया के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोहों में से एक है. कई फ़िल्म प्रेमी इसे हॉलीवुड के ऑस्कर पुरस्कारों से भी ऊपर का स्थान देते हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस बार इस पुरस्कार के लिए इसराइली फ़िल्म 'वॉल्ट्ज़ विद बशीर' का नाम सबसे ऊपर चल रहा था. ये फ़िल्म 1982 में हुए नरसंहारों पर आधारित है. इसकी बराबरी में खड़ी थी हॉलीवुड सितारे क्लिंट ईस्टवुड निर्देशित फ़िल्म चेंजलिंग. 1920 में हुई कुछ हत्याओं पर आधारित इस फ़िल्म में हॉलीवुड एंजेलीना जोली के अभिनय को सभी ने सराहा है. लेकिन 61वें कान फ़िल्म समारोह में बाज़ी मारी– फ़्राँस की फ़िल्म 'ऑन्त्र ल मूर' या द अंग्रेज़ी में कहें तो 'क्लास' ने. क्लास में बनी फ़िल्म इस फ़िल्म के बारे में ज़्यादा बात इसीलिए नहीं हुई क्योंकि ऑन्त्र ल मूर अंतिम समय में नामांकित हुई. लेकिन जूरी के अध्यक्ष हॉलीवुड स्टार शॉन पेन ने कहा कि जूरी ने इस फ़िल्म को एकमत से पाम डओर पुरस्कार के लिए चुना है. उनका कहना था कि आमतौर पर जूरी के बीच जमकर बहस होती है लेकिन एकमत से लिया गया ये दूसरा फ़ैसला है. फ़िल्म बनी है एक स्कूल की क्लास में. फ़िल्म के लेखक फ़्राँस्वा बेगदू इस फ़िल्म के हीरो भी हैं. अपनी असल ज़िंदगी में भी फ़्राँस्वा एक शिक्षक रहे हैं और फ़िल्म में भी वो यही भूमिका निभा रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि फ़िल्म में काम किसी कलाकार ने नहीं बल्कि फ़्राँस के ही एक स्कूल के विद्यार्थियों ने किया है. ऑन्त्र ल मूर के निर्देशक लॉरां कान्ते ने फ़्राँस्वा डॉल्तो जूनियर हाईस्कूल के बच्चों के बीच एक साल तक फ़िल्म बनाने की वर्कशॉप कीं, उन्हें प्रशिक्षण दिया और फिर उन्हीं को लेकर फ़िल्म बनाई. यहाँ तक कि इन बच्चों के अभिभावक भी उनके ही माता पिता को बनाया. इस पुरस्कार को निर्देशक ने स्वीकार करते हुए इन्हीं बच्चों और उनके अभिभावकों को याद किया. निर्देशक लॉरां कान्ते का कहना था कि ये मेरे लिए एक भावुक कर देने वाला पल है. ये फ़िल्म एक प्रयोग थी, हमने तो ये भी नहीं सोचा था कि फ़िल्म देखने लायक भी बनेगी. यहाँ इसका जीतना और इसके लिए इतनी तालियाँ बजना ये तो ऐसा मौक़ा है कि हमारी पूरी टीम इसे कभी नहीं भूल सकेगी. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला बेनीशियो देल तोरो को फ़िल्म ‘चे’ के लिए दिया गया है जिसमें उन्होंने लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी नेता चे अर्नेस्टो गुएवारा की भूमिका निभाई है. |
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