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'जोधा अकबर की पत्नी थी ही नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंदी फ़िल्म जोधा-अकबर पर राजस्थान के राजपूत संगठनों को सख्त ऐतराज़ है क्योंकि उनके ख़याल से यह फ़िल्म राजपूत समाज के लिए अपमानजनक है. राजपूत संगठनों का कहना है कि फ़िल्म में ऐसी प्रस्तुति इतिहास में वर्णित तथ्यों के ख़िलाफ़ है. हालाँकि फ़िल्म के निर्माता आशुतोष गवारीकर कह चुके हैं कि फ़िल्म में काल्पनिकता का पुट है और यह कोई ऐतिहासिक दस्तावेज़ नहीं है. जयपुर राजपरिवार ने भी फ़िल्म का समर्थन किया है और कहा है कि इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है. मुग़ल बादशाह अकबर के राजस्थान की राजकुमारी जोधा से कथित प्रेम संबंधों और विवाह को लेकर बनी आशुतोष गवारीकर की फ़िल्म जोधा-अकबर का प्रदर्शन सिनेमाघरों में 15 फरवरी को होना है. इस फ़िल्म में मुग़ल बादशाह अकबर की जयपुर की राजकुमारी जोधा से मोहब्बत और विवाह को पर्दे पर उतारने का प्रयास किया गया है. राजपूतों की करणी सेना ने फ़िल्म के विरोध में बाक़ायदा प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर इसे सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया तो गंभीर नतीजे होंगे. करणी सेना के अजित सिंह माम्दोली कहते हैं, “दरअसल, जोधा कभी अकबर की पत्नी थी ही नहीं. ये ठीक है फ़िल्म को व्यवसायिक उद्देश्य से बनाया गया है लेकिन ऐतिसासिक तथ्यों से छेड़छाड़ हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.” राजपूत समाज की महिला नेता प्रेम कंवर कहती हैं, “उस दौर मे राजपूत समाज में पर्दे का चलन था और ऐसी प्रेम कहानी की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था. हम इसे राजपूत समाज का अपमान मानते हैं और इसका विरोध करेंगे.” हालाँकि जयपुर का राजपरिवार फ़िल्म का खुलकर समर्थन कर रहा है. पूर्व राजघराने की महारानी पद्मिनी कहती हैं, “ये लोग तब कहाँ थे जब मुग़लेआज़म बनीं थी. उस वक़्त क्यों नहीं विरोध किया गया. मैं पूछना चाहती हूँ कि इन मुद्दों को क्यों उठाया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर इस फ़िल्म का प्रीमियर जयपुर में हो. पद्मिनी ने कहा, “मैने फ़िल्म के निर्माता से बात की है. वो भी फ़िल्म का प्रीमियर यहीं करना चाहते हैं. जब जोधा आमेर की राजकुमारी थी तो फ़िल्म का प्रीमियर जयपुर में क्यों नहीं.” इतिहास की नज़र जोधपुर के इतिहासकार ज़हूर ख़ान मेहर की राजपूताने के इतिहास पर गहरी नज़र है.
ज़हूर ख़ान मेहर कहते हैं, “जहाँ तक इतिहास की बात है तो जोधा मुग़ल शहज़ादे सलीम या जहाँगीर की पत्नी थी. दरअसल उनका नाम मानवती था, जिसे उनकी विद्वता के कारण जगत गुसाईं कहा गया. जोधा नाम कैसे आया इस पर बहुत जानकारी नही है.” उनका कहना है कि मुमकिन है मारवाड़ रियासत को जोधाना कहा जाता था और मानवती यहाँ से ताल्लुक रखतीं थीं, जबकि अकबर का विवाह आमेर के राजा भारमल की पुत्री हरखूबाई के साथ हुआ था. इतिहासकार आर एस खंगारोत भी इसी बात पर बल देते है. उनका कहना है ''ये ऐतिहासिक दृष्टि से तो ग़लत है ही, ये एक सामाजिक मुद्दा भी है. क्योंकि आप अकबर की पुत्रवधू को उनकी पत्नी के रूप मे दिखा रहे है. हम इतिहास की किताबों मे जो पढ़ा रहे है, यहाँ उसका उलटा बता रहे है.” मुग़लेआज़म फ़िल्म में जोधा को अकबर की पत्नी दिखाए जाने का विरोध क्यों नहीं किया गया? इस पर राजपूत समाज के एक प्रमुख नेता लोकेंद्र सिंह कालवी कहते हैं, “कौन कहता है कि हमने विरोध नहीं किया, उस वक़्त मीडिया ऐसा नहीं था, वरना ऐसा ही विरोध देखने को मिलता.” बहरहाल, सिनेमा के सहारे उठे इस विवाद ने लोगों को इतिहास के पन्ने उलटने पर मजबूर कर दिया है. अकबर और जहांगीर के सैकड़ों साल पहले हुए विवाह के वक़्त शायद ऐसा विवाद खड़ा नही हुआ हो मगर अब फ़िल्म के पर्दे पर उतरने से पहले ही राजपूत इस फ़िल्म के विरोध में सडकों पर उतरने की धमकी दे रहे हैं. |
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