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ऋतिक के लिए नया साल है उम्मीदों भरा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अभिनेता ऋतिक रोशन का 33वां जन्मदिन उनके लिये साल की शुरुआत में ही बहुत सी खुशियाँ और उम्मीदें लेकर आया है. पिछला साल यानी 2006 ऋतिक के लिए बहुत बढ़िया रहा. साल की दो सबसे बड़ी सुपरहिट फ़िल्मों क्रिश और धूम-2 में ऋतिक के अभिनय ने उनके प्रशंसकों का मन मोह लिया. हाल ये है कि बच्चे क्रिश की तरह सुपरहीरो बनना चाहते हैं तो नौजवानों में होड़ मची है ऋतिक जैसा स्टाइल अपनाने की. इतना ही नहीं, हाल ही में हृतिक ने 'एडलैब्स' कंपनी के साथ 30 करोड़ रुपए का करार किया है जिसके तहत वो उनके लिए तीन फ़िल्में करेंगे. ऋतिक के फ़िल्मी सफ़र में ये अब तक का सबसे अहम मोड़ है. कभी ख़ुशी-कभी ग़म प्यार से 'डुग्गू' कहे जाने वाले ऋतिक का जन्म 10 जनवरी 1974 को मुंबई में हुआ था. अपने पिता राकेश रोशन और मां पिंकी रोशन के लाडले ऋतिक ने फ़िल्मों में कदम तो बाल कलाकार के रूप में मात्र 6 साल की उम्र में ही रख दिया था, लेकिन हीरो के रूप में उनकी पहली फ़िल्म थी 2000 में आई 'कहो न प्यार है'.
पहली फ़िल्म ही सुपरहिट रही तो ऋतिक के पास बड़ी-बड़ी फ़िल्मों का तांता लग गया. 'फ़िज़ा' और 'मिशन कश्मीर' बॉक्स ऑफ़िस पर तो कोई कमाल नहीं दिखा पाईं लेकिन ऋतिक को अभिनय के लिए काफ़ी प्रशंसा मिली. फिर 2001 में उनकी फ़िल्म 'यादें' तो फ्लाप रही लेकिन 'कभी खुशी कभी ग़म' ने सफलता के झंडे गाड़ दिए. 2002 ऋतिक के लिए काफ़ी बुरा रहा जब उनकी तीनों फ़िल्में 'आप मुझे अच्छे लगने लगे', 'न तुम जानो न हम' और 'मुझसे दोस्ती करोगे' असफल रहीं. फिर 2003 में आई 'कोई मिल गया' जिसने ऋतिक के डगमगाते करियर को एक नई ज़िंदगी दी. फ़िल्म तो सुपरहिट हुई ही, साथ ही हृतिक के शानदार अभिनय को भी बेहद सराहना मिली. लेकिन इसके बाद 2004 में 'लक्ष्य' कोई कमाल नहीं दिखा पाई. फिर दो साल फ़िल्मों से ब्रेक लेने के बाद हृतिक ने 2006 में धूम मचा दी. 'क्रिश' और 'धूम 2' अभी तक टिकट खिड़की पर अच्छा बिज़नेस कर रही हैं. उम्मीद भरा साल और 2007 भी ऋतिक के लिए काफ़ी आशाओं भरा लग रहा है. आशुतोष गोवारीकर की 'जोधा अकबर' से उन्हें काफ़ी उम्मीदें हैं जिसमें उनके साथ काम किया है ऐश्वर्या राय ने. इसके अलावा करीना कपूर के साथ 'किस्मत टॉकीज़' भी इसी वर्ष रिलीज़ हो जाएगी. तो ऋतिक के चाहने वाले इस साल भी अपने चहेते अभिनेता से धूम की उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन सफलता लेकर आती है व्यस्तता भी. ऋतिक आजकल इतने व्यस्त हैं कि अपनी पत्नी सुज़ैन और बेटे हृहान के साथ ज़्यादा समय न बिता पाने का गिला उन्हें बना ही रहता है. यहां तक की अपने जन्मदिन पर भी वो 'जोधा-अकबर' की शूटिंग में व्यस्त हैं. उनके पिता, निर्देशक राकेश रोशन ने बीबीसी को बताया कि हर साल की तरह वो इस साल भी ऋतिक के 33वें जन्मदिन पर हवन करवा रहे हैं जिसके बाद सब ऋतिक को आशीर्वाद और शुभकामनाएँ देंगे. और जब बीबीसी ने पूछा कि क्या उन्हें अपने बेटे की सफलता पर गर्व है तो राकेश बोले, "अरे अब तो ऋतिक को और मेहनत करनी पड़ेगी, और अच्छा काम करना पड़ेगा. लोगों की अपेक्षाएँ जो बढ़ गई हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें ऋतिक और करीना ने बाज़ी मारी07 जनवरी, 2007 | पत्रिका मेरे पिता मेरे आदर्श रहे हैं: ऋतिक रोशन24 नवंबर, 2006 | पत्रिका ऋतिक रोशन के सोलह श्रृंगार11 अगस्त, 2006 | पत्रिका आशुतोष की जोधाबाई बनेंगी ऐश्वर्या राय11 अगस्त, 2006 | पत्रिका ऋतिक ने नक़ल न करने की अपील की26 जून, 2006 | पत्रिका 'कृष मेरी सबसे बड़ी फ़िल्म है'27 मई, 2006 | पत्रिका संगीत समारोह में छाए बॉलीवुड सितारे02 अक्तूबर, 2004 | पत्रिका घबराहट अब भी होती हैः राकेश रोशन19 अगस्त, 2004 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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