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'कृष मेरी सबसे बड़ी फ़िल्म है' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पचास करोड़ की लागत से बनी निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन की नई फ़िल्म ‘कृष’ के जून में रिलीज़ होने से पहले ही इसकी चर्चा ज़ोरों पर है. राकेश रोशन की यह अब तक की सबसे मँहगी फ़िल्म है और उनके बेटे ऋतिक एक बार फिर मुख्य भूमिका में हैं. अपनी नई फ़िल्म के बारे में वेदिका त्रिपाठी से बातचीत के दौरान राकेश रोशन ने कहा कि ऋतिक रोशन अभिनीत 'कृष' उनकी पिछली फ़िल्म कोई मिल गया की अगली कड़ी भर नहीं है और इसकी कहानी एकदम अलग है. ‘कृष’ किस तरह की फ़िल्म है और भारत में सिक्वल फ़िल्मों का बाज़ार देखने के बाद भी आपने यह रिस्क क्यों लिया ? ‘कृष’ एक अनोखी प्रेम कहानी है और दर्शकों को इसमें कई अनोखी चीजें देखने को मिलेगी. ‘कृष’ की कहानी में ‘कोई मिल गया’ की एक डोर जुड़ी हुई है. इसके अलावा ‘कृष’ की कहानी एकदम अलग और कम्पलीट है. इसमें रिस्क लेने वाली कोई बात नहीं है. पार्ट-टू बनाने की प्रेरणा मुझे अंग्रेज़ी की सफल फ़िल्म ‘लार्ड ऑफ़ द रिंग्स’ देखकर मिली. मैंने सोचा ‘कोई मिल गया’ के चरित्रों को विस्तार देकर फ़िल्म बनाई जा सकती है ‘कोई मिल गया’ में ऋतिक के बाल मित्रों और जादू जैसे दिलचस्प पात्र अभी तक दर्शकों के ज़हन में बैठे हुए हैं. ‘कृष’ में यह पात्र क्यों नहीं है? यह बहुत अच्छा सवाल है. दर्शक अभी भी उन पात्रों को भूले नहीं हैं. एक निर्देशक के रूप में मेरी यही परीक्षा होगी कि दर्शकों को ‘कृष’ के पात्रों से इस तरह बांध दूं कि वे ‘कोई मिल गया’ के चरित्रों को भूल जाएं. कहा जा रहा है कि इस फ़िल्म में रेखा ग्लैमरस दादी के रूप में दिखेंगी ? वे वास्तविक ज़िंदगी में भी बेहद खूबसूरत हैं और आजकल की दादियाँ भी तो रीयल लाइफ़ में ग्लैमरस होती हैं.
इस फ़िल्म के लिए बतौर नायिका प्रियंका चोपड़ा का चुनाव कैसे किया और उनका किरदार किस तरह का है ? प्रियंका को मैंने सीधे-सादे लिबास में मशहूर निर्माता यश जौहर की शव यात्रा के दौरान देखा था. मैंने उसी वक़्त यह निर्णय ले लिया कि ‘कृष’ की नायिका प्रियंका ही होंगी. वह इस फ़िल्म में एक टी.वी. रिपोर्टर की भूमिका निभा रहीं हैं. इस फ़िल्म के लिए यह अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि इसमें स्पाइडरमैन, सुपरमैन, जैसा कोई कॉमिक सुपर हीरो है ? सिनेमा के इतिहास में पहली बार एक सजीव पात्र को सुपर हीरो के रूप में पेश किया जा रहा है. स्पाइडरमैन, सुपरमैन, बैटमैन की तरह ‘कृष’ एक कॉमिक सुपर हीरो नहीं है बल्कि वह एक जीवन्त, असली किरदार है. वह तो ‘कृष्ण’ का रूप ‘कृष’ है जिसे जादू की शक्ति प्राप्त है. इंडस्ट्री के ही कई लोगों का कहना है कि ऋतिक आपकी ही फ़िल्मों में सफल हो पाता है ? ऐसा मानने या कहने वाले बिल्कुल गलत कहते हैं. रितिक की मिशन कश्मीर, लक्ष्य आदि कई फ़िल्में सफल हुई हैं और उसके अभिनय की सराहना भी हुई है. हां, हो सकता है पिता होने के नाते शायद उसकी अभिनय क्षमता का ज्ञान दूसरों से ज़्यादा मुझे हो. क्या भविष्य में पार्ट-3 और पार्ट-4 बनाने की कोई योजना है ? इसका उत्तर तो ‘कृष’ का परिणाम ही देगा. मेरा तो मानना है कि अगर हॉलीवुड में फ़िल्म ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ तीन पार्ट में सफल हो सकती है तो बॉलीवुड की कोई फ़िल्म तीन किस्तों में क्यों सफल नहीं हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रभावहीन रही मिस्ट्रेस ऑफ़ स्पाइसेस08 मई, 2006 | मनोरंजन सौ साल की सौ बेहतरीन फ़िल्में14 मई, 2006 | मनोरंजन 'ब्लैक', 'इक़बाल' और अब 'फ़ना'22 मई, 2006 | मनोरंजन आमिर ने माफ़ी माँगने से इनकार किया25 मई, 2006 | मनोरंजन विरोध के बीच 'फ़ना' और 'विंची कोड' रिलीज़26 मई, 2006 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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