BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 08 अगस्त, 2007 को 14:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
समय से पहले मिला सम्मानः बेनेगल

श्याम बेनेगल
श्याम बेनेगल कहते हैं कि पुरस्कारों को लेकर विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है
मशहूर भारतीय फ़िल्मकार श्याम बेनेगल बताते हैं कि उन्हें अपने फ़िल्मी करियर में अभी कई और अच्छी फ़िल्में बनानी हैं.

भारतीय सिने जगत का प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए बीबीसी से कहा कि उन्हें यह सम्मान मिलने में देर नहीं हुई है बल्कि यह सम्मान कुछ जल्दी ही मिल गया है.

पेश है इस पुरस्कार के लिए उनके नाम की घोषणा के कुछ देर बाद उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

भारतीय सिनेमा जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?

लाइफ़ टाइम अचीवमेंट के लिए यह फ़िल्म जगत में भारत सरकार का सबसे बड़ा पुरस्कार है इसलिए मैं स्वाभाविक रूप से बेहद खुश हूँ और इस सम्मान को पाकर अभिभूत हूँ.

राष्ट्रीय पुरस्कारों को लेकर काफ़ी विवाद होता रहा है, पिछले वर्ष भी इसे लेकर विवाद उठा था. फ़िल्म पुरस्कारों को लेकर होने वाले इन विवादों को आप किस तरह से देखते हैं?

 मेरा करियर अभी ख़त्म थोड़े ही हुआ है. अभी तो मुझे और अच्छी फ़िल्में बनानी हैं. इसलिए मुझे लगता है कि यह सम्मान जल्दी मिल गया है

यह सब विवाद मुझे ठीक नहीं लगते हैं क्योंकि चयन के लिए बाकायदा एक निर्णायक मंडल बनाया जाता है. यह अंतिम रूप से इस निर्णायक मंडल के सदस्यों का निर्णय होता है. इसलिए जो भी निर्णय हो, उसे स्वीकार करना चाहिए. अन्यथा आप निर्णायकों को ख़ारिज़ करते हैं और जब आप निर्णायकों को ख़ारिज़ करते हैं तो फिर इस विवाद का कोई अंत नहीं रहता. सरकार इन पुरस्कारों को तय करती है. अब आप सरकार से इस पुरस्कार को स्वीकार करें या नहीं करें, यह आपकी मर्ज़ी है.

आपको यह पुरस्कार ऐसे समय में मिला है जब आपकी फिल्में पहले की अपेक्षा कम आ रहीं हैं. एक समय था जब लोगों को लगातार आपकी बेहतरीन फ़िल्में देखने को मिलती थी. क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि यह सम्मान आपको देर से दिया जा रहा है?

नहीं-नहीं, मुझे नहीं लगता कि यह सम्मान मिलने में देर हुई है क्योंकि यह तो जीवन भर की उपलब्धि के लिए दिया जाता है. बल्कि मुझे तो लगता हैं कि यह सम्मान कुछ जल्दी ही मिल गया है. मेरा करियर अभी ख़त्म थोड़े ही हुआ है. अभी तो मुझे और अच्छी फ़िल्में बनानी हैं. इसलिए मुझे लगता है कि यह सम्मान जल्दी मिल गया है.

फ़िल्म हरी भरी
श्याम बेनेगल ने सामाजिक विमर्शों पर आधारित फ़िल्में बनाईं

इस अवसर पर आप अपने फ़िल्मी सफ़र की किन फ़िल्मों और किन पड़ावों को याद करना चाहेंगे?

वैसे तो मेरी कोई पसंदीदा फ़िल्म है नहीं, लेकिन मैं एक फ़िल्म निर्माता के रूप में अपना सफ़र याद करता हूँ तो मुझे लगता है कि मैं हमेशा एक रोमांचक सफ़र में हूँ.

आज जिस तरह का सिनेमा भारत में और ख़ासकर बॉलीवुड में बन रहा है, उसको आप किस तरह से देखते हैं?

मुझे लगता है कि आजकल काफ़ी अच्छी फ़िल्में बन रहीं है और युवा पीढ़ी के फ़िल्मकार काफ़ी हद तक वास्तविक फ़िल्में बना रहें हैं. जैसे विशाल भारद्वाज, नागेश कुकनूर की फ़िल्में देखिए. और भी कई युवा फ़िल्मकार आ रहें हैं जो काफ़ी मौलिक कार्य कर रहे हैं.

भारतीय फ़िल्म उद्योग आगे बढ़ रहा है. अच्छी फ़िल्में बन रहीं हैं और दर्शकों के मनोरंजन के लिहाज से बन रहीं हैं. मुझे तो इस बारे में कहीं कोई दिक्कत नज़र नहीं आती.

श्याम बेनेगलबहुत कुछ बदल गया
श्याम बेनेगल का कहना है कि आज़ादी के बाद सिनेमा में बहुत कुछ बदल गया है.
श्याम बेनेगलमेरी पीढ़ी और नई पीढ़ी
श्याम बेनेगल बता रहे हैं कि नई पीढ़ी और उनकी पीढ़ी में अंतर क्या है.
श्याम बेनेगलफ़िल्मों में कल्पनालोक
श्याम बेनेगल बता रहे हैं कि भारतीय फ़िल्मों की कहानियों में यथार्थ एक संकट है.
श्याम बेनेगलबॉलीवुड का खोखलापन
क्यों बेमानी होती हैं बॉलीवुड की अधिकतर फ़िल्में. जानिए श्याम बेनेगल से.
श्याम बेनेगलकिधर जा रहे हैं हम?
आज भारतीय समाज किस ओर जाता दिख रहा है, पूछ रहे हैं श्याम बेनेगल...
इससे जुड़ी ख़बरें
'बदलते भारत का आईना है सिनेमा'
01 अगस्त, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
अब भारतीय 'कारमेन' बना रहे हैं बेनेगल
22 सितंबर, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस
नई पीढ़ी और ज़िम्मेदारी की भाषा
10 जून, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस
फ़िल्मी कहानियों में यथार्थ का संकट
02 जून, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस
क्यों खोखली होती हैं भारतीय फ़िल्में ?
26 मई, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस
किधर जा रहा है भारतीय समाज?
18 मई, 2005 | मनोरंजन एक्सप्रेस
'शाहरुख़ वाले किरदार चाहता हूँ, कौन देगा?'
29 सितंबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>