|
पा, बहू और बेबी यानी... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
डब्बू रतनानी का नया कैलेंडर जारी करने के मौक़े पर अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय एक साथ पहुँचे. उसी वक़्त ऋतिक रोशन भी अपनी पत्नी सुज़ैन ख़ान के साथ पार्टी में आए. धूम:2 के तीनों कलाकारों ने एक साथ मिलकर मानों धूम ही मचा दी. प्रेस फोटोग्राफर और टीवी चैनल वालों के कैमरे तो लगातार तस्वीरें खींचते रहे. वहाँ मौजूद मेहमानों में से एक ने अमिताभ, अभिषेक और ऐश्वर्या की एंट्री पर कहा- ये तो हुआ पा बहू और बेबी. भारत में एक लोकप्रिय टीवी सीरियल है जिसका नाम है- बा बहू और बेबी. यहाँ पर पा हुए अमिताभ बच्चन, बेबी हुए अभिषेक जिन्हें एबी का बेबी भी कहा जाता है. और बहू? क्या ये भी समझाने की ज़रूरत है? इसी पार्टी में अमिताभ ने कैलेंडर जारी किया और तुरंत अभिषेक और ऐश्वर्या के साथ निकल गए. लेकिन ऋतिक और सुज़ैन पत्रकारों से बात करते रहे. अमरीका में नया साल अक्षय कुमार ने नए साल की शुरुआत की अमरीका में. अक्षय कुमार परिवार के साथ एक सप्ताह की छुट्टियाँ मनाने अमरीका चले गए थे.
ये छुट्टी इसलिए भी ज़रूरी थी क्योंकि अगले डेढ़ महीने तक अक्षय कुमार अपनी बीवी और बेटे से दूर रहेंगे. भारत आने के दो दिन बाद ही खिलाड़ी कुमार ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए जहाँ वो साजिद नाडियाडवाला की हे बेबी की शूटिंग कर रहे हैं. फ़रदीन ख़ान, विद्या बालन और रितेश देशमुख भी इस फ़िल्म में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. बदली नहीं हैं रेखा इतने सालों में रेखा बदली नहीं हैं. शुक्रवार को उनकी फ़िल्म कुड़ियों का है ज़माना रिलीज़ हुई. इस फ़िल्म के निर्माता एक शानदार प्रीमियर शो रखना चाहते थे.
ज़ाहिर है पहले शो में इंडस्ट्री के बड़े-बड़े लोगों को बुलाया जाता. दरअसल आमंत्रण पत्र भेजने का काम शुरू भी हो गया था. लेकिन रेखा ने ऐन वक़्त पर निर्माता-निर्देशक अमर बुटाला को कहा कि वो प्रीमियर में शरीक नहीं हो पाएँगी. बस होना क्या था. बुटाला ने ये मालूम होते ही अपना प्रीमियर शो कैंसिल कर दिया और तर्क ये दिया कि रेखा किसी काम में उलझी हैं इसलिए शो में नहीं आ सकती. काम? किस काम में भई? वैसे भी रेखा के पास फ़िल्में हैं कौन सी? रेखा को शायद घर बैठना मंज़ूर था पर फ़िल्म के प्रीमियर शो में आना नहीं. सलमान बनेंगे किंग ख़ान? वैसे तो किंग ख़ान कहते हीं आँखों के सामने शाहरुख़ ख़ान की तस्वीर आ जाती है. शाहरुख़ को उनके फ़िल्मी दोस्तों ने किंग ख़ान का ख़िताब दिया है जिसे अब सबकी मंज़ूरी मिल चुकी है.
लेकिन फ़िल्म के लिए किंग ख़ान टाइटिल रजिस्टर करवाने की अर्ज़ी सोहेल ख़ान ने फ़िल्म निर्माता एसोसिएशन को दी है. ज़ाहिर है अगर सोहेल ख़ान इस नाम की फ़िल्म बनाते हैं तो वो शाहरुख़ को तो टाइटिल रोल में लेंगे नहीं. हाँ अपने बड़े भाई सलमान ख़ान को ही लेंगे. यानी असली ज़िंदगी में किंग ख़ान शाहरुख़ और पर्दे के किंग ख़ान सलमान भाईजान. मान गए अभिषेक गुरु पिछले दिनों मणिरत्नम की गुरु का एक ट्रायल शो रखा गया. जिसमें अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय और विद्या बालन थे.
अमिताभ बच्चन या जया बच्चन इस ट्रायल में नहीं जा सके क्योंकि वो किसी और काम में मशगूल थे. प्रोजेक्टर रूम के लोगों से मालूम चला है कि गुरु में अभिषेक ने बहुत ही बढ़िया काम किया है. अमिताभ बच्चन के बेटे ने इस फ़िल्म में 17 साल के नौजवान से लेकर 70 साल के बूढ़े का रोल निभाया है. कहा जा रहा है कि इस फ़िल्म के बाद अभिषेक को इंडस्ट्री और जनता और भी आदर से देखेगी. सलाम-ए-इश्क़ की कहानी अगर मल्टीस्टारर फ़िल्म बनाने वाले निर्देशक से कोई ये पूछे कि उनकी फ़िल्म में सबसे बढ़िया काम किसने किया है तो वो कभी जवाब नहीं देते.
क्योंकि उनका जवाब उस अभिनेता या अभिनेत्री को तो ख़ुश कर सकता है लेकिन बाक़ी स्टार को नाराज़ भी कर सकता है. अगर कोई निखिल आडवाणी से पूछे कि अनिल कपूर, सलमान ख़ान, गोविंदा, अक्षय खन्ना, सोहेल ख़ान, जॉन अब्राहम, जूही चावला, प्रियंका चोपड़ा, आयशा टाकिया, विद्या बालन और ईशा कोप्पिकर में से किस का काम सबसे अच्छा रहा है तो वे बिना झिझक से कहते हैं- अनिल कपूर और जूही चावला का. इतने सारे स्टार्स को साइन करने के पीछे भी एक कहानी है. निखिल ने जब सलमान ख़ान को फ़िल्म की कहानी सुनाई तो उन्होंने एक रोल के लिए तुरंत गोविंदा का नाम लिया और गोविंदा से बात भी कर ली. वैसे ही जब अनिल कपूर को कहानी सुनाई जा रही थी तब अनिल ने अक्षय खन्ना को फ़ोन लगाया और उनसे कहानी सुनने को कहा. जब अक्षय ने कहानी सुनी तो वो निखिल को बोले- क्या मैं तुम्हें गले लगा सकता हूँ. देखते हैं दर्शक अब सलाम-ए-इश्क़ को कितना गले लगाते हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें इस वर्ष बेहतर शुरुआत कर सकता है बॉलीवुड06 जनवरी, 2007 | पत्रिका शिल्पा टीवी शो 'बिग ब्रदर' में शामिल03 जनवरी, 2007 | पत्रिका एक मुलाक़ात: प्रीति ज़िंटा के साथ31 दिसंबर, 2006 | पत्रिका बॉलीवुड के लिए बेहतरीन रहा 200628 दिसंबर, 2006 | पत्रिका 'रीमेक फ़िल्मों से फ़र्क नहीं पड़ता' 24 दिसंबर, 2006 | पत्रिका गायक बनना चाहता था : अमीन सयानी23 दिसंबर, 2006 | पत्रिका फ़िल्म की कामयाबी के लिए चुंबन ज़रूरी21 दिसंबर, 2006 | पत्रिका एक सार्थक विमर्श वाली फ़िल्म 'क्या तुम हो'22 दिसंबर, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||