BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'टॉम एंड जेरी' के जनक का निधन
जोसेफ़ बारबरा
हाना और बारबरा ने टॉम एंड जेरी के लिए सात एकेडमी पुरस्कार हासिल किए.
छोटे पर्दे पर अपने कार्टून शो के ज़रिए टॉम-जेरी की जोड़ी को घर-घर में पहुँचाने वाले जोसेफ़ बारबेरा का निधन हो गया है. वे 95 वर्ष के थे.

टॉम-जेरी ही नहीं बल्कि फ्लिंटस्टोन्स, योगी बीअर, स्कूबी-डू जैसे मशहूर कार्टून पात्रों के पीछे भी जोसेफ़ का ही दिमाग था.

जोसेफ़ की मृत्यु के वक्त उनकी पत्नी शीला उनके पास थी.

दरअसल, 1950 के दशक में बारबेरा ने विलियम हाना के साथ 'हाना-बारबेरा' बनाया था. इससे पहले यह जोड़ी एमजीएम स्टूडियो में 'टॉम एंड जेरी' कार्टून शो के लिए काम कर चुकी थी.

वार्नर ब्रदर्स के प्रमुख और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बेरी मेयर ने कहा, "जॉय अपने काम और कार्टून पात्रों के लिए हमेशा याद रखे जाएंगे. अपनी दिवगंत साथी विलियम हाना के साथ उन्होंने जिन पात्रों को छोटे पर्दे पर दिखाया, वे अमरीका की पॉप संस्कृति का सबसे प्रिय हिस्सा हैं."

सफ़र

बारबेरा, ब्रुकलिन में पले-बढ़े और उन्होंने बैंकिंग में अपना कैरियर तलाशना शुरू किया.

 जॉय अपने काम और कार्टून पात्रों के लिए हमेशा याद रखे जाएंगे
बेरी मेयर, प्रमुख, वार्नर ब्रदर्स

हमेशा कागज़ों पर आड़ी-तिरछी लकीरें खींचकर लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाले जोसेफ़ के कार्टून जल्द ही पत्र-पत्रिकाओं में छपने लगे.

बाद में उनकी मुलाकात 1930 के दशक के आखिरी में मैट्रो गोल्डवेन मेयर फ़िल्म स्टूडियो में हाना से हुई.

इसी मुलाकात में दोनो के बीच तालमेल बन गया और बाद में उन्होने टॉम एंड जेरी कार्टून पात्रों को छोटे पर्दे पर साकार किया.

जोसेफ़-हाना की जोड़ी ने 17 साल के सफ़र में टॉम एंड जेरी सिरीज़ के लिए सात अकादमी पुरस्कार हासिल किए और कुल 14 बार इन्हें पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया.

बाद में इस जोड़ी ने एमजीएम छोड़ दिया और 1957 में हाना-बारबेरा स्टूडियो की स्थापना की.

वहाँ उन्होने कई कार्टून पात्रों मसलन जेस्टन्स और फ्लिंटस्टोन्स की रचना की.

2001 में हाना के निधन के बाद भी बारबेरा ने कार्टून से नाता नहीं तोड़ा और वार्नर ब्रदर्स टेलीविज़न में कार्यकारी प्रोड्यूसर रहे.

इससे जुड़ी ख़बरें
'कल हो ना हो' का बोलबाला
23 मई, 2004 | पत्रिका
सँवारा सबसे रोशन सितारों को
13 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>