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मुंबई धमाकों के बाद शांति एलबम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई के कुछ अग्रणी संगीतकारों और गायक कलाकारों ने 11 जुलाई के धमाकों के बाद के माहौल में "आतंकवाद" के ख़िलाफ़ एक नए अंदाज़ में अपनी आवाज़ उठाई है. ग़ौरतलब है कि उन धमाकों में 180 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और लगभग 700 ज़ख़्मी हुए थे. भारत के 20 अग्रणी गायक कलाकारों ने मुंबई धमाकों की निंदा करते हुए एक वीडियो एलबम में गाने गाए हैं. इस वीडियो एलबम पर अभी काम किया जा रहा है और अगले कुछ ही सप्ताह में यह बाज़ार में आने वाली है. मुंबई के लोगों कै भावनात्मक धैर्य की काफ़ी सराहना हुई है. चाहें वो तीन साल पहले एक साथ हुए दो बम धमाकों की घटना हो, पिछले साल भीषण बाढ़ का बात हो, मुंबईवासियों ने चुनौती का सामना किया और आगे चल निकले. लेकिन 11 जुलाई के सिलसिलेवार बम धमाकों ने मुंबईवासियों में शांति की ललक को और जगा दिया है. उन्होंने चुनौती का सामना किया और बहादुरी के साथ आगे बढ़ते रहे. पूरे शहर में शांति की अपीलों की गूंज सुनाई दी. घटना के एक सप्ताह बाद 18 जुलाई को दो मिनट का मौन भी रखा गया. इसी प्रक्रिया में मुंबई के कुछ नामी गायक कलाकारों ने एकजुट होकर शांति और अमन का पैगाम फैलाना का फ़ैसला किया है. इसके लिए 20 कलाकारों ने एक वीडियो एलबम के लिए गाया है जिसके निर्देशक संजीव कोहली हैं. कोहली कहते हैं, "यह आतंकवाद से लड़ने का कलाकारों का एक तरीका है." संगीत निर्देशक संजीव कोहली ने ही इस एलबम के लिए गीत भी लिखा है जिनमें हाल में हुए बम धमाकों के प्रभावितों की तस्वीर उभरती है. कोहली कहते हैं कि इस गीत में सिर्फ़ मुंबईवासियों का दर्द भर नहीं है बल्कि दुनिया भर के लोगों की आवाज़ की नुमाइंदगी करता है. कोहली का कहना है, "हम गीतकारों ने यह पैग़ाम देने की कोशिश की है कि जब भी आतंकवादी हमारे शहर निशाना बनाने की कोशिश करेंगे, उतनी ही बार हम शांति और साहस से उनका मुक़ाबला करेंगे." संजीव कोहली बताते हैं कि उन्होंने जब यह घोषणा की थी कि वह 'आतंकवाद' की निंदा करने वाली एक वीडियो एलबम बनाने जा रहे हैं तो नामी-गिरामी गायक कलाकारों की ढेर सारी अर्ज़ियाँ उनके पास आईं कि वे भी उस एलबम में काम करना चाहेंगे. कोहली बताते हैं कि उन्हें 20 गायकों ने संपर्क किया जिनमें ऊषा मंगेश्कर से लेकर सुनीधि चौहान तक शामिल हैं. यह एलबम जल्दी ही बाज़ार में जारी की जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बदल रही है आतंक की परिभाषा22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पीड़ितों की सहायता में जुटे अमिताभ 22 जुलाई, 2006 | मनोरंजन कलाम के नेतृत्व में मृतकों को श्रद्धांजलि18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस आगे आ रहे हैं मददगार...16 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाके: गुप्तचर एजेंसियों पर सवाल14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस इस समय एकजुटता ज़रूरी है: आमिर ख़ान13 जुलाई, 2006 | मनोरंजन 'यह एक सहिष्णु समाज है'13 जुलाई, 2006 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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