|
'सद्दाम का उपन्यास' बिक्री के लिए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान की राजधानी टोकियो में एक ऐसे उपन्यास की बिक्री शुरू हुई है जिसे इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन का लिखा हुआ बताया जा रहा है. इस उपन्यास के प्रकाशकों का कहना है कि 'डेविल्स डांस' यानी 'शैतान का तांडव' नामक इस उपन्यास की पांडुलिपि सद्दाम हुसैन की एक बेटी अपने साथ लेकर इराक़ से बाहर निकलने में कामयाब हो गई थीं. कहा जाता है कि सद्दाम हुसैन ने कई उपन्यास लिखे थे और उनकी बेटी का कहना है कि यह ताज़ा उपन्यास इराक़ पर अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले से एक दिन पहले पूरा किया गया था. ग़ौरतलब है कि मार्च 2003 में हुए उस हमले के बाद सद्दाम हुसैन को अपदस्थ कर दिया गया था. इस उपन्यास का जापानी भाषा में अनुवाद एक जापानी पत्रकार ने किया है. इस पत्रकार का कहना है कि उन्होंने इस उपन्यास की पांडुलिपि सद्दाम हुसैन के एक वकील से हासिल की थी और उस वकील ने ही इसे प्रकाशित करने की अनुमति भी दी. इस उपन्यास पर साल 2005 में जॉर्डन में राजनीतिक कारणों से पांबदी लगा दी गई थी. प्रतीकात्मक कथावस्तु कहा गया है कि सद्दाम हुसैन का यह दूसरा उपन्यास है जो जापान में बिक्री के लिए उपलब्ध है. इससे पहले उनका 'ज़बीबाह और राजा' नामक एक अन्य उपन्यास भी प्रकाशित हो चुका है.
उस उपन्यास में एक ऐसे नेता की कहानी है जो अपने लोगों के कल्याण की ख़ातिर अपने जीवन का बलिदान कर देता है. इस ताज़ा उपन्यास की कथावस्तु भी प्रतीकात्मक है. इसमें एक ऐसे क़बीले की कहानी है जो 1500 साल पहले फ़रात नदी के पास रहता था जो उन पर हमला करने वाली सेना को बाहर निकाल देता है. इस उपन्यास को जापानी भाषा में अनुवाद करने वाली पत्रकार ने आग्रह किया है कि अगर सद्दाम हुसैन उन पर चल रहे मुक़दमे में दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मौत की सज़ा से बख़्श दिया जाए. पत्रकार कहती है कि सद्दाम हुसैन इराक़ और अमरीका के कटु संबंधों के एक गवाह हैं और उन्हें जीवित रहकर यह कहानी कहने की इजाज़त मिलनी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम के ख़िलाफ़ औपचारिक आरोप तय15 मई, 2006 | पहला पन्ना 'दुजैल दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर सद्दाम के'24 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'सद्दाम हुसैन के दस्तख़त प्रामाणिक'19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना आपस में नहीं, विदेशियों से लड़ें:सद्दाम15 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अकेला मैं जवाबदेह हूँ: सद्दाम हुसैन01 मार्च, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम ने भूख हड़ताल समाप्त की27 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम ने अदालत में कहा- 'बुश मुर्दाबाद'13 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना सद्दाम हुसैन का अदालत से वॉकआउट29 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||